रफीक खान
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रीवा के एक सराफा व्यापारी को असामाजिक तत्वों, गुंडों या बदमाशों ने नहीं बल्कि पुलिस ने ही लूट लिया। व्यापारिक कार्य से रीवा से पन्ना पहुंचे सराफा व्यापारी को पुलिस ने उठाया और उसे एनडीपीएस एक्ट के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। फिर 95000 फोन पे के जरिए ट्रांसफर करवा लिए। मामले की भनक जब लेडी एसपी को लगी तो उन्होंने पूरे मामले की इन्वेस्टिगेशन करवाके FIR दर्ज करने के साथ ही निलंबन के भी आदेश कर दिए। Lady SP of Panna got him released, took strict action, created panic in the department but no arrest has been made till now.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि रीवा के सराफा व्यापारी मोहनलाल सोनी पन्ना आए थे। मड़ला थाना की पुलिस टीम ने उन्हें कथित तौर पर रोक कर अवैध हिरासत में लिया और झूठे एनडीपीएस (NDPS) मामले में फंसाने की धमकी दी। व्यापारी को डरा-धमकाकर फोन-पे के माध्यम से 95,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) निवेदिता नायडू ने मड़ला थाना प्रभारी (TI) रचना पटेल, एएसआई (ASI) रज्जाक खान और आरक्षक रामशरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर थाना प्रभारी समेत चार लोगों के खिलाफ जबरन वसूली और लूट से संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (6) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तक किसी की गिरफ्तारी अधिकृत तौर पर सामने नहीं आई है।
