रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम के समीप पुल निर्माण कार्य में लगा पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर शेख रमजान इस समय मीडिया और सोशल मीडिया में सुर्खी बना हुआ है। शेख रमजान नाम का यह मजदूर क्रूज दुर्घटना के दौरान फरिश्ता बनकर सामने आया। 25 फुट ऊंचाई पर काम में लगे शेख रमजान क्रूज के डूबते ही बहादुरी के साथ छलांग लगा दी और आधा दर्जन लोगों को सहारा दे दिया। वह चार लोगों को जीवित बचा सका जबकि दो लोगों की मौत हो गई। शेख रमजान यही नहीं रुका बल्कि मौके पर पहुंचे अन्य मददगारों के साथ कई जान बचाने का हमराह बना रहा। इस देवदूत की बहादुरी को हर कोई सेल्यूट कर रहा है। The West Bengal labourer who rescued half a dozen people from Bargi Dam during the cruise ship accident is now engaged in bridge construction.
हवा आंधी के थपेड़ों के बीच शेख रमजान क्रूज की डगमगाहट पर नजर रखा हुआ था। उसने क्रूज रोकने के लिए प्रयास भी किया लेकिन कैप्टन आगे बढ़ता ही गया और हादसा हो गया। यह देखकर रमजान ने वहीं से छलांग लगा दी। उसके जज्बे को खुदा ने इतना ताकतवर बना दिया कि वह चार लोगों को नई जिंदगी देने का जरिया बन गया। शेख रमजान से जब मीडिया ने बातचीत की तो उसने बड़े ही भोलेपन से जवाब दिया कि वह तमाम तरह की नफरत और राजनीति को नहीं जानता। मैं तो सिर्फ इतना जानता हूँ कि उस समय की जो जरूरत थी, उसे किस तरह से पूरा करना था। उसे बचपन से ही इंसानियत का महत्व समझाया गया है, जो आज भी उसके दिलो दिमाग में ताजा है। शेख रमजान का यह भी कहना है कि अगर क्रूज कैप्टन थोड़ी भी सतर्कता बरती होती है तो शायद बड़ा हादसा होने से बच जाता।
