फर्जीबाड़ा और ठगी के मामले में सही रिपोर्ट बनाने के लिए फरियादी से मांगे 30 हजार रुपये, 20 में डील पक्की हुई - khabarupdateindia

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फर्जीबाड़ा और ठगी के मामले में सही रिपोर्ट बनाने के लिए फरियादी से मांगे 30 हजार रुपये, 20 में डील पक्की हुई


रफीक खान
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की कोतवाली थाने में पदस्थ एक पुलिस सहायक उप निरीक्षक को जबलपुर की लोकायुक्त पुलिस टीम ने बुधवार को ₹20000 की रिश्वत सहित रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस के एएसआई द्वारा फर्जीबाड़ा तथा ठगी की एक मामले में फरियादी से सही रिपोर्ट बनाने और जांच करने के नाम पर ₹30000 की रिश्वत मांगी गई थी। आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। The complainant was asked for Rs 30,000 to prepare a correct report in a case of fraud and cheating, but the deal was finalised for Rs 20.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि आवेदक नंदकिशोर चौरसिया के बेटे अभिषेक चौरसिया को नौकरी दिलाने एवं सरकारी विभाग में गाड़ी लगाने का झांसा देकर फर्जीवाडा एवं ठगी होने पर उसके द्वारा थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। नंदकिशोर चौरसिया जब एफआईआर के संबंध में जानकारी लेने के लिए जांच अधिकारी दिनेश रघुवंशी, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक थाना कोतवाली से मिलने पहुंचा तो सही रिपोर्ट बनाने एवं फर्जी सिग्नेचर की जांच करवाने के एवज में 30000 रु रिश्वत की मांग करने लगा। मान मनौवल के बाद आरोपी एएसआई 20000 रुपए रिश्वत लेने तैयार हो गया। दिनांक 13 अप्रैल को चाय की दुकान पर घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। ट्रेप दल में नीतू त्रिपाठी उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक शशिकला मस्कुले, सदस्य निरीक्षक राहुल गजभिए, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद रहा।