रफीक खान
मध्य प्रदेश की सतना जेल में लव स्टोरी का बड़ा ही चटपटा मामला सामने आया है। यहां एक मुस्लिम महिला जेल अधिकारी और हत्या के मामले में सजा काट रहे कैदी के बीच सालों प्रेम प्रसंग चलता रहा। सजा काटने के बाद जब कैदी रिहा हो गया तो शादी तक बात पहुंची। विश्व हिंदू परिषद ने कन्यादान किया और दोनों की हिंदू रीति रिवाज के साथ शादी संपन्न हो गई। इस मामले में जानकारों का कहना है कि मोहब्बत का मामला कभी भी और कहीं भी सदियों से सुनाई में आता रहा है लेकिन यह लव स्टोरी जेल जैसे संवेदनशील विभाग और स्थान से जुड़ी हुई है। यहां जेल अधिकारी और कैदी के बीच का प्यार सिविल सेवा आचरण का एक तरह से मखौल उड़ा रहा है। अनुशासन तथा संवेदनशीलता की तस्वीर इन हालातो में कैसी होगी? यह चिंता का विषय है। The news is very spicy but raises a big question mark on the conduct of the civil service; Vishwa Hindu Parishad performed Kanyadaan.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ रीवा निवासी मुस्लिम महिला अधिकारी फिरोजा खातून की मुलाकात ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र सिंह से हुई थी। जेल में महिला अधिकारी वारंट इंचार्ज थी, वहीं सजा काट रहा युवक वारंट का काम करता था। यहां दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई, फिर प्यार परवान चढ़ा। धर्मेंद्र सिंह मूल रूप से छतरपुर निवासी है। साल 2007 में चंदला नगर पालिका परिषद उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में वह जेल गया था। चार साल पहले सजा खत्म होने के बाद उसकी रिहाई हो गई। इसके बाद भी सहायक जेलर फिरोजा खातून से प्यार बना रहा। फिरोजा के परिवार वाले धर्म की वजह से शादी के लिए तैयार नहीं थे। फिरोजा ने अपने परिवार के विरोध के बीच धर्मेंद्र सिंह से शादी करने का फैसला फैसला किया है। धर्मेंद्र के परिवार की मौजूदगी में पांच मई को छतरपुर जिले के लवकुशनगर में दोनों की शादी हुई है। हिंदू रीति-रिवाज से शादी में कन्यादान की रस्म सबसे अहम होता है। यह रस्म दुल्हन की पिता निभाते हैं। फिरोजा खातून के परिवार से कोई नहीं आया था। ऐसे में यह रस्म सतना में विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने अपनी पत्नी के साथ निभाई।
