Oरफीक खान
मध्य प्रदेश के नर्मदा पुरम संभाग में पिपरिया के एक खेत और पन्ना जिले के पवई फॉरेस्ट रेंज स्थित जंगल में दो बड़ी हैरतअंगेज घटनाएं सामने आई है। नर्मदा पुरम के पिपरिया में जहां 13 साल के सत्यम ने एक तेंदूए की गर्दन दबोच कर उसे धकिया कर अपनी जान बचा ली। वहीं 85 साल के बुजुर्ग ने पन्ना के जंगल में तेंदुए का कान जकड़ कर उस पर लाठियां बरसाईं और बच निकले। एक पल के लिए यह दोनों घटनाएं अजब सी लगती है लेकिन सच्चाई है। Two major acts of bravery were reported from Piparia in Narmadapuram and Pawai Forest Range in Panna.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि घटना शनिवार शाम पिपरिया फॉरेस्ट बीट के कुर्सी खापा गांव की है, जहां आठवीं में पढ़ने वाले सत्यम ठाकुर पर खेत के पास अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। सत्यम ठाकुर खेत के कुएं के पास खेल रहा था, तभी झाड़ियों से निकलकर तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए उसने हिम्मत दिखाई और तेंदुए की गर्दन पकड़ ली। संघर्ष के दौरान तेंदुए के नाखून उसके पेट और पैरों में लग गए। सत्यम के शोर मचाने पर उसके पिता और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। इसी बीच बच्चे ने तेंदुए को जोर लगाकर पीछे धकेल दिया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। वन विभाग की टीम ने घायल बच्चे को सरकारी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। डॉ. सैयद करीम के मुताबिक, बच्चे का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। दूसरी घटना दक्षिण वनमंडल पन्ना के पवई वन परिक्षेत्र स्थित चोपरा बीट के नारदपुर गांव की है। नारदपुर में रहने वाले अर्जुन सिंह (85) की भैंस गायब थी। उसे ढूंढ़ने के लिए अर्जुन सिंह दोपहर गांव से लगे जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उनका सामना एक वयस्क तेंदुए से हो गया। तेंदुए ने अर्जुन सिंह पर झपट्टा मारा और उनकी गर्दन को अपने जबड़े में दबोचने का प्रयास किया। अर्जुन सिंह ने फुर्ती दिखाते हुए न केवल अपनी गर्दन को बचा लिया, बल्कि बिजली सी तेजी दिखाते हुए अपने एक हाथ से तेंदुए का कान जकड़ लिया और दूसरे हाथ में मौजूद लाठी से उसकी पीठ पर वार करना शुरू कर दिया। संघर्ष के दौरान अर्जुन सिंह बचाव के लिए जोर-जोर से आवाज भी लगा रहे थे। 85 वर्षीय बुजुर्ग की इस हिम्मत और चंद पलों की जबरदस्त मुठभेड़ के बाद तेंदुआ खुद को छुड़ाकर वापस जंगल की ओर भाग गया।
