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Friday, 27 December 2024

हमेशा के लिए सो गया भारतीय अर्थव्यवस्था का भीष्म पितामह, देश में 7 दिन के लिए राष्ट्रीय शोक


रफीक खान 
92 साल की उम्र में भारतीय अर्थव्यवस्था के भीष्म पितामह, भारत के रत्न 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे डॉक्टर मनमोहन सिंह हमेशा हमेशा के लिए सो गए। भारतीय राजनीति और आर्थिक सुधारों में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। 1991 में भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की राह पर ले जाने वाले डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने दो कार्यकाल (2004-2014) तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की और देश के विकास में अहम भूमिका निभाई। एक प्रधानमंत्री के रूप में दो दो कार्यकाल पूरा करने वाले डॉक्टर मनमोहन सिंह की शालीनता और सज्जनता का सानी राजनीति में कोई दूसरा नज़र नहीं आया। Bhishma Pitamah of Indian economy slept forever, national mourning for 7 days in the country

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि गुरुवार रात 9.51 मिनट पर दिल्ली के AIIMS में अंतिम सांस ली। सौम्य और मृदुभाषी स्वभाव वाले मनमोहन सिंह भारत में आर्थिक सुधारों का सूत्रपात करने वाले शीर्ष अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार दो बार गठबंधन सरकार चलाने वाले कांग्रेस के पहले नेता के तौर पर याद किए जाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह भारत के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक थे और उन्होंने देश की आर्थिक नीति पर गहरी छाप छोड़ी। प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट किया, “भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोकाकुल है। साधारण परिवार से उठकर वह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री समेत विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर एक गहरी छाप छोड़ी। संसद में उनका हस्तक्षेप भी व्यावहारिक था।” डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक विदेश में घोषित किया गया है।