रफीक खान
विकास... विकास.. विकास! सियासी भाषणों में अक्सर यह जुमले सुनने को मिलते हैं। ऐसा नहीं है कि विकास नहीं हो रहा है लेकिन अभी भी मुख्य धारा का अमृत चखने से बहुत सारे इलाके वंचित है। यही नहीं प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही का भी शिकार है। जबलपुर-दमोह-सागर सड़क मार्ग के बहे हुए पुल को रविवार के दिन एक बड़े अखबार ने खूब प्रमुखता से उठाया। रविवार को ही दूसरा मामला मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि कभी मध्य प्रदेश सरकार का मॉडल रहा छिंदवाड़ा जिला अंतर्गत एक गर्भवती महिला को नदी पार करने के लिए घाट पर लाद कर ले जाना पड़ा। रास्ता लंबा और दुर्गम होने के कारण रास्ते में ही गर्भवती महिला को तकलीफ बढ़ी और उसने बच्चे को सड़क पर ही जन्म दे दिया। इस मामले का वीडियो बना और वायरल हो गया। वायरल वीडियो मीडिया के भी पास पहुंचा। मामला सुर्खी में आ गया। Ambulance unavailable; pregnant woman ferried across the river on a makeshift carrier; condition deteriorated en route.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि छिंदवाड़ा में सविता विश्वकर्मा नाम की महिला को बुधवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और एक आशा वर्कर ने 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया। लेकिन, खराब नेटवर्क और नदी पार करने की वजह से मेडिकल मदद मिलने में देरी हुई। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो ग्रामीणों ने उसे खाट पर लिटाया और नदी पार कराई। लोगों का कहना है कि दूर-दराज के इस गांव में लगभग 20 परिवार रहते हैं जिन्हें पास की सड़क तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है और वे कई सालों से पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इमरजेंसी के समय गांव का संपर्क कट जाता है, जिससे बार-बार परेशानी होती है। अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। बाद में ग्रामीण मां और नवजात शिशु को इलाज के लिए मोटरसाइकिल से अस्पताल ले गए। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. के. ठाकुर ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद महिला को अस्पताल लाया गया और मां-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। समाचार में प्रस्तुत फोटो एआई जेनरेटेड है और यह मीडिया रिपोर्ट्स से ही लिफ्ट किया हुआ है।
