रफीक खान
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाकर जमीन असली वारिसों के सुपुर्द कर दी गई। जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई न्यायालय द्वारा दिए गए एक आदेश के बाद की गई। जमीन का यह विवाद 26 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। Land formally handed over to rightful heirs after removing illegal occupation by family-owned companies; a 26-year-old dispute.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों पर जमीन कब्जाने के आरोपों का यह विवाद 22 हजार वर्गफीट भूमि से जुड़ा है। इसे वर्षों पहले सरदार रघुवीर सिंह उर्फ बलवीर सिंह ने प्रकाशनाथ चतुर्वेदी से चीप टाल संचालन के लिए किराए पर लिया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान 31 मार्च 2013 को रघुवीर सिंह ने यही भूमि विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनी मेसर्स अतिशा कंस्ट्रक्शन के नाम विक्रय कर दी। विवेक चतुर्वेदी एवं अन्य विधिक वारिसों ने इस पर आपत्ति जताई। जमीन पर मालिकाना हक का यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक गया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने कब्जा दिलाने की कार्रवाई की। भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन और भूमि विवादों के आरोप हैं। जिला प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के पालन में विवादित भूमि से बाउंड्रीवाल और निर्माण हटाकर उसका कब्जा विवेक चतुर्वेदी एवं अन्य विधिक वारिसों को सौंप दिया। बुलडोजर से पक्के निर्माण ढहा दिए गए। इस दौरान एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी, तहसीलदार अजीत तिवार सहित राजस्व, पुलिस और कटनी नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमला मौजूद रहा।
