रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड रेल अधिकारी तथा उनकी पत्नी की गोली मारकर हत्या करने वाले डबल मर्डर मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 1500 सीसी कैमरा की तलाश के बाद एक गिफ्ट डीड को पाया, जिससे पुलिस की जांच की दिशा ही बदल गई। करोड़ों रुपए की संपत्ति के लालच को लेकर इस वारदात को दो सगे भाइयों ने अंजाम दिया। आरोपियों को मिलवाने वाली कोई और नहीं मृतका की भाभी थी। हत्या की वारदात में प्रयुक्त की गई एक पिस्टल को पुलिस नाले में तलाश कर रही है।पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। संभवत: रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। Property dealers alarmed as house deal was being finalized; two real brothers accused of the crime; police searching for the pistol in a drain.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि ऐशबाग इलाके के सुदामा नगर में रहने वाले रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की हत्या उनके 2 करोड़ रुपये की कीमत के मकान और अन्य संपत्तियों को हड़पने के लिए की गई थी। आरोपियों ने इस संपत्ति का एक फर्जी दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार करवा लिया था। जब मृत हेमंत फिलेमोन इस मकान को 1 करोड़ 20 लाख में बेचने की तैयारी करने लगे, तो आरोपियों को अपनी साजिश नाकाम होती दिखी। पुलिस ने कजलीखेड़ा से दो सगे भाइयों (प्रॉपर्टी डीलर) और मृतक की भाभी सहित कई करीबियों को हिरासत में लिया है, जिनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। कजली खेड़ा इलाके से दो सगे भाइयों श्रीकांत और शशिकांत को हिरासत में लिया है। इनमें से एक भाई प्रॉपर्टी का काम करता है। पूछताछ में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए कट्टे को आरोपियों ने कजलीखेड़ा नाले में फेंक दिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50,000 का इनाम भी घोषित किया गया था। जांच के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी मृतका शकुंतला की भाभी शिबानी बारीक से जुड़ी है। साल 2021 में आरोपी श्रीकांत ने ऋषिपुरम स्थित शिबानी की एक प्रॉपर्टी बेचने में मदद की थी। इस संपत्ति पर शिबानी के दिवंगत बेटे वैभव के लिए एक स्टूडियो बनाया गया था, जिनका 2020 में दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया था। पहले फिलेमोन दंपती यह मकान शिबानी के बेटे वैभव को ही देने वाले थे, लेकिन उसकी मौत के बाद उन्होंने अपनी सेवा करने वाले किसी व्यक्ति को यह संपत्ति सौंपने का मन बना लिया था। इसी बीच, हेमंत की इटारसी स्थित एक अन्य संपत्ति को बेचने के लिए शिबानी ने ही श्रीकांत से उनकी मुलाकात कराई थी। इस दौरान संपत्ति को लेकर दो बार पावर ऑफ अटॉर्नी भी बनाई गई, जिसे लेकर शुरुआती विवाद की बात सामने आई है।
