23 साल का रिकॉर्ड टूटा, भारी तबाही के बीच मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग जलमग्न, दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित - khabarupdateindia

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Saturday, 29 August 2026

23 साल का रिकॉर्ड टूटा, भारी तबाही के बीच मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग जलमग्न, दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित


रफीक खान
मध्य प्रदेश के चित्रकूट से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक बारिश ने आफत मचा रखी है। चित्रकूट का गोरगी बांध टूट गया है। मंदाकिनी नदी 30 फीट ऊंचाई पर बह रही है। सतना में रेलवे ट्रैक डूब गए हैं। चित्रकूट और सतना जिले में भारी मूसलाधार बारिश के चलते यह स्थिति बनी हुई है। दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई है। कुछ ट्रेनों को रोक दिया गया है तो कुछ को डायवर्ट किया गया है। इन परिस्थितियों में लोग काफी परेशान नजर आ रहे हैं। 23-year record broken; Mumbai-Howrah rail route submerged amidst massive devastation, over a dozen trains affected.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि चित्रकूट और सतना जिले में भारी मूसलाधार बारिश और गोरगी/टिकरिया डोंडा बांध से पानी के रिसाव के कारण भयंकर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। मंदाकिनी नदी अपने रौद्र रूप में 30 फीट तक उफन चुकी है, जिसने पिछले 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस भारी तबाही के चलते सतना में मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग जलमग्न हो गया है, जिससे लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं और कई ट्रेनों को रोकना पड़ा है। एहतियात के तौर पर आसपास के गांवों को खाली कराकर वहां NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 7 मीटर से भी ऊपर चला गया है। प्रसिद्ध रामघाट पूरी तरह डूब चुका है। घाट किनारे बनी 400 से अधिक दुकानें पानी में समा गई हैं और सड़कों पर नावें चलानी पड़ रही हैं। बाढ़ की वजह से चित्रकूट-सतना मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है। हनुमानधारा और कई अन्य प्रमुख संपर्क पुल पानी के ऊपर बहाव के कारण बंद कर दिए गए हैं, जिससे हजारों श्रद्धालु और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं। सतना जिले में शरभंग नदी के उफान और भारी जलभराव के कारण चितहरा स्टेशन से खुटहा स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए। सुरक्षा कारणों से रेलवे ने गोदान एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को सतना, मानिकपुर और मझगवां स्टेशनों पर रोक दिया।