रफीक खान
कांग्रेस तथा आदिवासियों की राजनीति में एक समय खासा दबदबा रखने वाले स्व. दलबीर सिंह की बेटी हिमाद्री सिंह ने 9 साल पहले शादी की, 7 साल पहले कांग्रेस छोड़ भगवा ओढ़ लिया, भाजपा की टिकट पर सांसद निर्वाचित हुई, 5 साल से पति से अलग रह रही थी और अब उन्होंने पति से पूरी तरह नाता खत्म कर दिया। उनके तलाक के आवेदन पर कोर्ट ने डिक्री भी पारित कर दी। उनकी एक बेटी है और वह सांसद हिमाद्री सिंह के साथ ही रहेगी। अच्छी बात यह है कि कभी पति-पत्नी रहे भाजपा नेता-नेत्री ने एक दूसरे पर कोर्ट में कोई आरोप नहीं लगाए। Became a married woman 9 years ago, donned saffron robes 7 years ago, left her husband on the day of Hartalika Teej; her daughter will stay with her.
जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी की शादी 23 नवंबर 2017 को राजेंद्रग्राम में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद दोनों कुछ समय तक साथ रहे। 20 जून 2019 को बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगे। धीरे-धीरे मतभेद बढ़े और दोनों का एक-दूसरे से मिलना-जुलना भी बंद हो गया। इसके बाद 5 मई 2021 से दोनों पूर्ण रूप से अलग रह रहे थे। कोर्ट में प्रस्तुत जानकारी अनुसार, तलाक की याचिका में दोनों पक्षों ने वैवाहिक संबंध जारी रखने की संभावना से इनकार किया। हिमाद्री सिंह की ओर से कोर्ट में कहा गया कि, अब दोनों के बीच साथ रहने की कोई संभावना नहीं है और उनका दाम्पत्य जीवन समाप्त हो चुका है। खास बात यह रही कि दस्तावेजों में एक-दूसरे पर कोई विशेष आरोप नहीं लगाया गया। दोनों ने आपसी सहमति से विवाह विच्छेद की मांग की। हिमाद्री ने अपने और बेटी के लिए नरेंद्र सिंह मरावी से भरण-पोषण या गुजारा भत्ता मांगने से भी इनकार किया। दोनों पक्षों ने विवाह के दौरान मिले गिफ्ट और जेवरात को लेकर भी किसी विवाद से इनकार किया।
