रफीक खान
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति को काटकर नीले ड्रम में पैक करने वाली पत्नी मुस्कान तथा उसके प्रेमी साहिल को कोर्ट ने सजा-ए-मौत सुना दी है। जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए दोनों आरोपियों को फांसी की सजा के साथ ही ₹50000 का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मौके पर कोर्ट ने महाभारत का वर्णन करते हुए कहा कि अपराधी को अपराध की सजा देना भी धर्म का काम है। अपराध के अनुरूप सजा मिलना ही चाहिए। यह क्रूर से क्रूर और विरल से विरलतम अपराध है। The court stated that punishing a crime is also an act of righteousness; both accused appeared from jail via video conferencing.
उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए हत्याकांड के बाद पूरे देश में इस तरह के अपराध बढ़ने लगे थे। न सिर्फ न्याय व्यवस्था, कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक स्तर पर भी यह और इस तरह के मामले चिंता का विषय बनकर उभरे। पुलिस द्वारा इस मामले में 19 मार्च 2025 को मुस्कान तथा साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कानूनी प्रक्रियाओं के तहत सौरव राजपूत हत्याकांड का ट्रायल जुलाई 2025 में शुरू हुआ। मेरठ कोर्ट द्वारा आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को 30 सितंबर को दोषी करार दिया था। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए 14 अक्टूबर को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोनों को सजा मौत का हुक्म दिया। करीब 13 महीने तक चली कोर्ट की बहस में 126 तारीखों के दौरान 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मृतक सौरव राजपूत के परिवार ने कोर्ट से दोनों आरोपियों को सजा-ए-मौत की ही मांग की थी। सभी को कोर्ट के निर्णय पर भरोसा था।
