MP के अनगिनत कांग्रेस नेताओं को IT ने भेजा नोटिस, 7 साल का लेखा-जोखा लेकर जाना होगा दिल्ली, पार्टी में मचा हड़कंप - khabarupdateindia

खबरे

Taj Diagnostic Center
★ DIGITAL X-RAY ★ SONOGRAPHY (USG) ★ CBC TEST ★ BLOOD SUGAR TEST ★ THYROID PROFILE ★ LIVER FUNCTION TEST (LFT) ★ KIDNEY FUNCTION TEST (KFT) ★ LIPID PROFILE ★ URINE TEST ★ PREGNANCY TEST ★ ECG ★ ALL ROUTINE & SPECIAL PATHOLOGY TESTS ★ हमारे यहाँ सभी प्रकार के टेस्ट कम दामो पर किये जाते है ★ आज ही संपर्क करे 9827328951, 9340621093

Monday, 12 February 2024

MP के अनगिनत कांग्रेस नेताओं को IT ने भेजा नोटिस, 7 साल का लेखा-जोखा लेकर जाना होगा दिल्ली, पार्टी में मचा हड़कंप



Rafique Khan
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को घेरने की एक बड़ी खबर प्रकाश में आई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से अनगिनत नेताओं को नोटिस भेजा गया है और सभी को दिल्ली तलब किया गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर वह नेता शामिल है, जो पिछला लोकसभा चुनाव लड़े थे या इस बार फिर लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनने की कतार में लगे हुए हैं। इसके अलावा ऐसे नेताओं को समर्थन देने वाले कांग्रेसी भी नोटिस पाने वालों में शामिल है। इनकम टैक्स के नोटिस के बाद स्वाभाविक तौर पर कांग्रेस नेताओं में हड़कंप की स्थिति निर्मित है। नोटिस मिलने वालों में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया भी शामिल है।

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि कांग्रेस के 
पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, गोविंद गोयल सहित 100 से अधिक नेताओं को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से समन जारी किया गया है। सभी कांग्रेस नेताओं को 13 फरवरी की शाम 5 बजे दिल्ली इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुख्यालय में बुलाया गया है। साथ ही कुछ नेताओं को पेश होने के लिए अलग तारीखें दी गई हैं।युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया को भी डिपार्टमेंट से समन भेजा गया है। साथ ही 2019 मे भिंड लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे देवाशीष झारिया को भी नोटिस जारी हुआ है। इन दोनों नेताओं को अलग-अलग तारीखों पर बुलाया गया है। देवाशीष झारिया को 13 फरवरी और विक्रांत भूरिया को 21 फरवरी के दिन बुलाया गया है। आईटी की ओर से भेजे गए समन में कहा गया है कि जब तक पूछताछ चलेगी तबतक इन नेताओं को इनकम टैक्स दफ्तर में ही रहना होगा। अधिकारी से परिमशन के बिना उन्हें दफ्तर से जाने की अनुमति नहीं होगी। सभी नेताओं को पिछले 7 साल में लेनदेन का हिसाब-किताब लेकर आने के निर्देश दिए गए हैं। 2014 से 2021 पिछले 7 साल की वित्तीय लेनदेन के सभी कागजात लेकर बुलाया गया है। नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस नेता देवाशीष झारिया ने केंद्र सरकार पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ये भी कहा कि आईटी के अधिकारियों के खिलाफ वो अनुसूचित जाति के तहत केस दर्ज करवाएंगे।