आशिकी: पति को बीयर पिलाई, फिश खाई और छाती पर बैठकर घोंट दिया गला - khabarupdateindia

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Sunday, 22 September 2024

आशिकी: पति को बीयर पिलाई, फिश खाई और छाती पर बैठकर घोंट दिया गला


रफीक खान
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में प्रेम प्रसंग का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक पत्नी पर आशिकी का भूत कुछ इस तरह सवार हुआ कि उसने अपने नाबालिक मौसेरे भाई के साथ मिलकर पति का गला घोटकर मौत के घाट उतार दिया। पूरी प्लानिंग के साथ पत्नी ने पति को बियर पिलाई, फ्राई फिश खिलाई और खुद खाई। उसके बाद छाती पर चढ़कर प्रेम का ढोंग किया और हत्या कर डाली। क्राइम सीरियल को देखकर घटना को अंजाम देने वाली पत्नी अपने नाबालिक मौसेरे भाई और बॉयफ्रेंड के साथ पुलिस अभिरक्षा में जुर्म को स्वीकार चुकी है। Aashiqui: Gave her husband beer, ate fish and strangled him by sitting on his chest

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि 19 सितंबर को गिरवाई नाका इलाके में रहने बाले लोकेंद्र कुशवाह (24) का शव घर में कमरे में मिला था। परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पत्नी अंजली और उसके मौसेरे भाई से पूछताछ की। भाई ने मर्डर की पूरी कहानी बता दी। बाद में अंजली कुशवाह (23) ने भी वारदात कबूल कर ली। पत्नी ने पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान बताया कि बॉयफ्रेंड के लिए पति की हत्या की। वारदात में बॉयफ्रेंड का नाम नहीं आए, इसके लिए उसे नौकरी करने केरल भेज दिया। पुलिस ने नाबालिग मौसेरे भाई, अंजली और प्रेमी गौरव को गिरफ्तार कर लिया। लोकेंद्र प्राइवेट जॉब करता था। परिवार में पिता नंदलाल और पत्नी अंजली कुशवाह (23) हैं। 2020 में दोनों की शादी हुई थी। कोई संतान नहीं है।

इस तरह चली गई चाल

19 सितंबर को अंजली से मिलने उसकी मौसी का 17 साल का बेटा नंदू आया था। दोपहर करीब 3 बजे जब ससुर घर पहुंचे, तो बहू ने बताया कि लोकेंद्र के सिर में दर्द है। उनके लिए दवा ला दें। मुझे अपने जीजा मनोज कुशवाह के घर जाना है। इसके बाद ससुर दवा लेने चले गए। घर लौटे तो लाइट बंद थी। वह और उसका भाई भी घर पर नहीं थे। कमरे में लोकेंद्र बिस्तर पर लेटा था। बेटे को जगाने के लिए पिता नंदलाल ने कोशिश की, लेकिन उसने प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद वे पड़ोसी की मदद से उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर लौटे। अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी करने लगे, तभी उसके गले पर खरोंच और गला दबाए जाने के निशान दिखे। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।

पहले रोने का नाटक, फिर दिखाया असली रूप

बताया जाता है कि जब परिजन लोकेंद्र को अस्पताल ले गए, तब अंजली घर पर नहीं थी। वापस लौटे तब वह घर पर मिली। पति देखकर रोने का नाटक करने लगी। पुलिस को शुरुआत से ही अंजली और उसके मौसेरे भाई पर शक था। जब दोनों से पूछताछ की, तो भाई ने वारदात कबूल की। इसके बाद अंजली ने भी बेखौफ होकर जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस से कहा कि प्यार के लिए पति को रास्ते से हटाया। पुलिस के हर सवाल का बेखौफ जवाब देती रही। उसे जरा भी पछतावा नहीं है। अंजली ने पूछताछ में बताया कि लोकेंद्र और क्षेत्र का ही रहने वाला गौरव कुशवाह आपस में दोस्त थे। वह आर्थिक रूप से भी संपन्न है। अंजली से जान-पहचान हुई और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। पति की गैरमौजूदगी में भी वह आता-जाता था। इसकी भनक जब लोकेंद्र को लगी, तो उसने विरोध किया। दोस्त को घर आने से मना कर दिया। अंजलि ने इस पल तय कर लिया था कि अब पति को रास्ते से हटा देना है और बॉयफ्रेंड को पुलिस की शंका से दूर रखने के लिए केरल भेज दिया था।