रफीक खान
जबलपुर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां ठगी के लिए प्लानिंग करते हुए अपने पत्नी का खुद ही कन्यादान करते हुए पड़ोसी युवक से उसकी शादी रचा डाली। व्हाट्सएप पर लगातार चल रही चेटिंग से पोल खुलने में ज्यादा समय नहीं लगा और महिला के नए पति ने पुलिस को शिकायत कर दी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उसके असली पति और कन्यादान करने वाले और शादी में रिश्तेदार बनने वाले लोगों की तलाश जारी है। A unique plan was hatched to defraud the couple, the secret was revealed through constant chatting on WhatsApp, and the husband who gave away his daughter in marriage absconded.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में रहने वाले 35 साल के रतन शर्मा के परिवार में पांच भाई हैं और पांचों भाईयों की शादी नहीं हुई है। रतन जबलपुर में एक निजी हॉस्पिटल में टीम लीडर है। वो शादी के लिए लड़की की तलाश में था, जब ये बात रतन के पड़ोस में रहने वाले सोनू तिवारी को पता चली तो उसने साजिश रची और रतन के भाई से कहा कि मुरैना में रहने वाले उसके एक दोस्त अजय चौहान अपनी मुंहबोली गरीब बहन राधा उर्फ दीक्षा मुदगल के लिए रिश्ता ढूंढ रहा है। सोनू के झांसे में रतन का भाई आ गया और मां के साथ लड़की देखने के लिए चला गया। रतन के भाई और मां ने लड़की दीक्षा की फोटो देखी और उसे पसंद कर लिया। इसके बाद 27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म हुई, तब अजय चौहान ने खुद को दीक्षा का मुंहबोला भाई बताकर गोद भराई की रस्म की। इसके बाद 7 मई को शहर की सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाज के साथ रतन और दीक्षा की शादी हुई तब भी अजय चौहान ने भाई बनकर दीक्षा का कन्यादान किया। शादी में करीब 7 लाख रुपये खर्च हुए, शादी में दीक्षा की असली सास माया देवी, उसकी मां बनी और उसकी बहन शिल्पी, जीजा राघवेंद्र और भाई सत्येंद्र भी लड़की पक्ष बनकर शामिल हुए। शादी के बाद रतन दुल्हन दीक्षा को अपने घर लेकर आया, लेकिन शादी के बाद से ही दीक्षा अक्सर मोबाइल पर किसी से चैट करती रहती थी। रतन को उस पर शक हुआ और उसने जब रात में दीक्षा का मोबाइल चेक किया तो हैरान रह गया। अजय चौहान ने 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। दीक्षा का सच जानने के बाद रतन ने परिवार के सदस्यों को इसके बारे में बताया। दीक्षा शादी के बाद नकदी और जेवरात लेकर भागने की फिराक में थी। पुलिस ने 7 आरोपियों पर केस दर्ज किया है, इनमें राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी शामिल हैं। यह एक गिरोह है और पहले भी कई लोगों को झूठी शादी के जाल में फंसा कर ठगी कर चुका है।
