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Tuesday, 30 June 2026

मध्यप्रदेश, राजस्थान,उत्तरप्रदेश में आतंक का पर्याय था, मुख्यमंत्री के महल को उड़ाने की भी दे चुका था धमकी


रफीक खान
मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय रह चुके कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में एक साथी कैदी द्वारा गला दबाकर हत्या कर दी गई। 11 लख रुपए का इनामी डाकू राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी वसुंधरा राजे सिंधिया का महल भी उड़ने की धमकी दे चुका था। जगन गुर्जर वह डाकू है, जिसके एनकाउंटर की मांग भारत की संसद में तक गूंजी थी। जेल के भीतर हुई हत्या के बाद राजस्थान सरकार में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। He was synonymous with terror across Madhya Pradesh, Rajasthan, and Uttar Pradesh; he had even threatened to blow up the Chief Minister's palace.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि डाकू की हत्या का आरोपी विष्णु जाट गैंगस्टर कुलदीप जघीना की हत्या मामले में अजमेर जेल में है। एक बैरेक में होने के कारण इनमें मामूली विवाद होता रहता था लेकिन कुछ दिनों से विष्णु की बहन पर जगन गुर्जर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। जिसके चलते विष्णु जाट ने उसकी मौत की नींद सुलाने का फैसला कर लिया। कोई हथियार उपलब्ध न होने के कारण गमछे से गला घोट दिया। पुलिस और जेल प्रबंधन की पूछताछ में विष्णु ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया। डकैत जगन के प्यार और शादियों से लेकर आत्मसमर्पण के भी कई किस्से चर्चाओं में रहे हैं। डकैत जगन ने वर्ष 2001 में तत्कालीन एसपी बीजू जॉर्ज जोसफ के सामने पहली बार आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद जमानत पर जेल से बाहर आ गया था और दोबारा अपना आतंक फैलाना शुरू कर दिया।जगन गुर्जर ने 7 फरवरी 2022 को करौली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। जगन के उत्पात को देखकर उसे अजमेर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। 28 मई 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान जगन गुर्जर ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के महल को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद इस पर 11 लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया। पुलिस से घबरा कर जगन गुर्जर ने 31 जनवरी 2009 को कैमरी गांव में राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वर्ष 2022 में बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक गिर्राज मलिंगा को धमकी देने के बाद जगन गुर्जर फिर से सुर्खियों में आ गया है और पुलिस ने जगन पर 50 हजार रूपये का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस के दबाव को देखते हुए जगन गुर्जर ने 7 फरवरी 2022 की देर शाम को करौली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। करीब 20 वर्ष से धौलपुर जिले के डांग और चंबल के बीहड़ों में अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे डकैत जगन गुर्जर के खिलाफ 125 संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। फिलहाल जगन गुर्जर मार्च 2026 में थाना कोतवाली बाड़ी के मारपीट के मामले में जेल गया था।