मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा और नाम अभी तक नहीं आया सामने, घायलों के बेहतर इलाज में जुटा अमला - khabarupdateindia

खबरे

Taj Diagnostic Center
★ DIGITAL X-RAY ★ SONOGRAPHY (USG) ★ CBC TEST ★ BLOOD SUGAR TEST ★ THYROID PROFILE ★ LIVER FUNCTION TEST (LFT) ★ KIDNEY FUNCTION TEST (KFT) ★ LIPID PROFILE ★ URINE TEST ★ PREGNANCY TEST ★ ECG ★ ALL ROUTINE & SPECIAL PATHOLOGY TESTS ★ हमारे यहाँ सभी प्रकार के टेस्ट कम दामो पर किये जाते है ★ आज ही संपर्क करे 9827328951, 9340621093

Saturday, 20 June 2026

मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा और नाम अभी तक नहीं आया सामने, घायलों के बेहतर इलाज में जुटा अमला


रफीक खान
परभणी (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के यशवाड़ी देवस्थान स्थित हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक ढह गई। हादसे में कम से कम 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 30 से 40 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। The official death toll and the names of the deceased have not yet been released; teams are focused on providing better medical care to the injured.

जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में शनिवार को कीर्तन और महाप्रसाद का आयोजन चल रहा था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। इसी दौरान मंदिर के सामने बने सभा मंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छत के साथ भारी मात्रा में मलबा, लोहे की रॉड और पत्थर नीचे गिर गए, जिससे दर्जनों श्रद्धालु उसके नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत कार्य तेज कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि सभा मंडप में निर्माण कार्य चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि निर्माण संबंधी किसी तकनीकी खामी या संरचनात्मक कमजोरी के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।