रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में अधारताल थाना अंतर्गत सुहागी सरस्वती कॉलोनी पन्नी मोहल्ला में महिला थाने की पुलिस टीम ने छापा मार कर देह व्यापार अड्डे का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने अपने पंट्रो को भेज कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। देह व्यापार की पहरेदारी के लिए तीन लैबराडोर कुत्तों को भी लगाया गया था। पूरा परिवार गंदे धंधे में शामिल था। पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। एडिशनल एसपी को मिली सूचना पर महिला पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई की भनक संबंधित जिम्मेदार थाने की पुलिस को भी नहीं लग पाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था? A raid was conducted under the leadership of a women's police team; the local police station was not even informed, and the entire family had been involved for a long time.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जोन-3 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुहागी सरस्वती कॉलोनी स्थित निमेष विनोदिया के मकान में मंजू नीखर नामक महिला अवैध रूप से देह व्यापार का धंधा संचालित कर रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने कार्रवाई से पहले राहुल पटेल नामक व्यक्ति को पंटर बनाया। उसके पास हस्ताक्षरयुक्त 500-500 रुपये के दो नोट दिए गए और निर्देश दिया गया कि यदि देह व्यापार की पुष्टि हो जाए तो सिर पर तीन बार हाथ फेरकर इशारा करे। पंटर के साथ सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी भी सुरक्षा के लिए भेजा गया।
दबिश में रंगे हाथ पकड़ी गई
इशारा मिलने के बाद पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दबिश दी। घर के अंदर मंजू नीखर, उसके पति मुकेश नीखर और पुत्र आरूष नीखर मिले। अंदर के कमरे में एक युवती मिली, जो पुलिस को देखकर कपड़े पहनने लगी। पूछताछ में उसने अपना नाम खुशबू पटेल निवासी रांझी बताया।
एफआईआर के अनुसार खुशबू पटेल ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान पूजा नाम की युवती के माध्यम से मंजू नीखर से हुई थी। आर्थिक तंगी के कारण काम मांगने पर मंजू नीखर उसे अपने घर बुलाकर ग्राहकों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहती थी। एक ग्राहक से 1000 रुपये लेने पर 500 रुपये युवती को और 500 रुपये मंजू नीखर रखती थी। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि काम छोड़ने की बात कहने पर मंजू नीखर उसके पति को सब कुछ बता देने की धमकी देती थी।
कमरे से मिलीं आपत्तिजनक सामग्री
तलाशी के दौरान कमरे से नारियल तेल के दो डिब्बे तथा मिथुन कंपनी के कंडोम का पैकेट, जिसमें तीन कंडोम रखे हुए थे, बरामद किए गए। पुलिस ने इन्हें साक्ष्य के रूप में जब्त किया। मकान की पहली मंजिल पर बने हॉल में तीन व्यक्ति बैठे मिले। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अभय सिंह उर्फ चिंटू, सुबोध सिंह और संजय चौरसिया बताए। पुलिस के अनुसार संजय चौरसिया ने बताया कि मंजू नीखर ने मोबाइल पर युवती की फोटो भेजकर 1000 रुपये में लड़की उपलब्ध कराने की बात तय की थी। पहले से ग्राहक होने के कारण वे ऊपर हॉल में इंतजार कर रहे थे। उसने यह भी बताया कि मंजू नीखर के भेजे गए फोटो और मैसेज उसने डिलीट कर दिए थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, हस्ताक्षरयुक्त 500-500 रुपये के नोट, एक मोटरसाइकिल सहित अन्य सामग्री जब्त की। सभी जब्ती की कार्रवाई पंचों की मौजूदगी में की गई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(1)(F), 3(5) तथा अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम (आईटीपीए) की धाराएं 3, 4, 5, 6, 7 एवं 8 के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद घर में मौजूद तीन पालतू कुत्तों को आरोपित महिला के घरेलू सहायक के सुपुर्द किया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपित महिला कथित रूप से देह व्यापार से होने वाली आय पर जीवनयापन करती थी तथा युवतियों को बहला-फुसलाकर ग्राहकों के संपर्क में लाकर अपने मकान में देह व्यापार कराती थी।
