सड़क से लेकर संसद तक घिरी केंद्र सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए एक्शन का टारगेट बदला - khabarupdateindia

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Friday, 24 July 2026

सड़क से लेकर संसद तक घिरी केंद्र सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए एक्शन का टारगेट बदला


रफीक खान
कॉकरोच पार्टी से लेकर पूरे देश की विपक्षी पार्टियों और युवा वर्ग द्वारा किए जा रहे शिक्षा क्षेत्र की अराजकता तथा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध के बीच केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। यह अलग बात है कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बचाव में टारगेट का रुख बदल दिया गया है। पहले सचिव स्तर के अधिकारियों पर गाज गिरी और शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA के 47 अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। उन पर एफआईआर दर्ज करने की भी तैयारी चल रही है। पेपर लीक मामले के बाद से खामोश केंद्र सरकार अब फास्ट ट्रैक कोर्ट से लेकर हर जतन करने के लिए तत्पर नजर आ रही है। Facing pressure from the streets to Parliament, the central government shifted the target of its action to shield Dharmendra Pradhan.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि पेपर लीक को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच NTA में अधिकारियों को बर्खास्त करना बड़े बदलावों का हिस्सा है। ये एजेंसी पेपर लीक के मामलों को लेकर विवादों में रही है। NEET-UG पेपर पर NTA ने ही कराया था। नीट पेपर लीक होने के बाद सरकार ने यह बड़ा एक्शन लिया है। वहीं सरकार के तरफ से कहा गया है कि पेपर लीक को लेकर अभी और भी बड़े फैसले लिए जाएंगे। नीट पेपर लीक के बाद देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र भी प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों के प्रदर्शन के बीच NTA पर बड़ी कार्रवाई की गई है। देशभर में चल रहे प्रदर्शन के बीच 24 जुलाई को कैबिनेट बैठक ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। बिल में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रविधान रखे गए हैं। अगर ये बिल, कानून बन जाता है तो पेपर लीक के मामले में दोषियों को 10 की जेल की सजा होगी और 10 करोड़ का जुर्माना भी भरना होगा।