रफीक खान
मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया की डबल बेंच ने जहां बहुचर्चित कानूनी लड़ाई के दौरान कोई भी राहत देने से फिलहाल इनकार कर दिया, वहीं एक्टिंग चीफ जस्टिस ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर दिया। अब पहले स्पेशल बेंच का गठन किया जाएगा और फिर उसके बाद सुनवाई चलेगी। High-profile legal battle takes a new turn: a special bench will be constituted first, followed by hearings; employees watch with eager anticipation.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विनय सराफ की बेंच के सामने चल रही थी। अंतरिम राहत को लेकर दोनों पक्षों की ओर से विस्तार से दलीलें रखी जा रही थीं। इसी दौरान सोमवार को आरबी राय मामले का जिक्र हुआ। जस्टिस विवेक रूसिया ने बताया कि वह पहले इस मामले में अधिवक्ता के रूप में पेश हो चुके हैं। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने खुद को इस सुनवाई से अलग (रिक्यूज) कर लिया। बेंच ने साफ किया कि फिलहाल न तो प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक लगेगी और न ही किसी पक्ष को कोई अंतरिम राहत मिलेगी। अब कार्यवाहक मुख्य जस्टिस इस मामले की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच का गठन करेंगे। इसके बाद वही बेंच प्रमोशन में रिजर्वेशन के नियमों से जुड़े सभी पहलुओं पर अंतिम सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन मौजूद रहे। वहीं याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा और नमन नगरथ ने पक्ष रखा। अजाक संघ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह सहित अन्य अधिवक्ता भी कोर्ट में उपस्थित रहे।
