भारी तबाही का अनुमान, मौतों और घायलों का सही आकलन कर पाना फिलहाल हुआ मुश्किल, बारिश लगातार जारी - khabarupdateindia

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Sunday, 19 July 2026

भारी तबाही का अनुमान, मौतों और घायलों का सही आकलन कर पाना फिलहाल हुआ मुश्किल, बारिश लगातार जारी


रफीक खान
मौसम बारिश का है। कहीं माकूल झमाझम बारिश हो रही है तो कहीं लोग अभी भी बारिश के लिए इंतजार और प्रार्थना में जुटे हुए हैं। इसी बीच जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फट गए। वहां 11 लोगों की मौत और अनगिनत लोगों के घायल होने की खबर है। दूसरी तरफ राजस्थान, मंदसौर तथा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बारिश के लिए गधों को गुलाब जामुन खिलाकर प्रार्थना की जा रही है।Massive devastation is anticipated; it is currently difficult to accurately assess the number of deaths and injuries, and the rain continues unabated.

जम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जिलों में बादल फटने से, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 7 लोग लापता हैं। किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से कई घर और वाहन बह गए। सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई। लोअर मुर्राह गांव में भूस्खलन से एक घर मलबे में दब गया। मलबे से 5 शव निकाले गए जिनमें 2 साल का बच्चा भी शामिल है। सांगला गांव में बाढ़ से एक ही परिवार के 4 सदस्य लापता हैं। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मनावर और धरावल नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है। उधर राजस्थान के भीलवाड़ा मध्य प्रदेश के मंदसौर और भोपाल में एक अनूठे टोटके की किए जाने की खबर है। इन तीनों स्थानों पर कई दिनों से बारिश न होने के कारण गधे की पूजा की गई और फिर उन्हें गुलाब जामुन भी खिलाए गए।मान्यता है कि गधों की पूजा और उन्हें मिठाई खिलाने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं। इसी के तहत गधों को फूलों की माला पहनाई गई, माथे पर तिलक लगाया और आरती उतारी गई।