रिटायर्ड जज का कोई दांव नहीं आ रहा काम, एक से दूसरी और दूसरी से तीसरी कोर्ट पहुंची जमानत अर्जी - khabarupdateindia

खबरे


Wednesday, 22 July 2026

रिटायर्ड जज का कोई दांव नहीं आ रहा काम, एक से दूसरी और दूसरी से तीसरी कोर्ट पहुंची जमानत अर्जी


रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विषा शर्मा संदिग्ध मौत कांड मामले में रिटायर्ड जज गिरी बाला सिंह का हर दांव फेल हो रहा है। इस बार उन्होंने अपनी 100 साल उम्र वाली मां की सेवा का सहारा लिया है। मंगलवार को सुनवाई के लिए पहले एक जज, उसके बाद दूसरे जज ने अपने आप को सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जमानत याचिका तीसरी कोर्ट में पहुंची तो वहां न्यायाधीश अवकाश पर थे। जिसकी वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। None of the retired judge's tactics are working; the bail plea has moved from one court to the next—from the first to the second, and then to the third.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि सबसे पहले प्रकरण अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेखा मिश्रा के समक्ष पहुंचा। उन्होंने गिरिबाला सिंह से अपने पारिवारिक संबंधों का हवाला देते हुए स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया। इसके बाद मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव के समक्ष भेजा गया। उन्होंने भी लगभग इन्हीं आधार पर खुद को अलग किया। बाद में फाइल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलम शुक्ला के पास भेजी गई, लेकिन उनके अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। शाम करीब साढ़े छह बजे प्रकरण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामप्रताप मिश्रा के समक्ष पहुंचा, लेकिन तब तक न्यायालय की कार्यवाही समाप्त हो चुकी थी। जमानत अर्जी में गिरिबाला सिंह ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों के साथ पारिवारिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया है। आवेदन में कहा गया है कि उनकी मां की उम्र लगभग 100 वर्ष है। उन्हें निरंतर देखभाल की आवश्यकता है। इसके अलावा हाल ही में उनके घर में चोरी की घटना होने का हवाला देते हुए संपत्ति और परिवार की देखरेख के लिए जेल से बाहर रहने की जरूरत बताई गई है।

घटनाक्रम एक नजर में

12 मई 2026 : मॉडल व अभिनेत्री त्विषा शर्मा कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं।

13 मई 2026 : पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बाद में मामले में कई सवाल उठने पर निष्पक्ष जांच की मांग तेज हुई।

14 मई 2026: गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी गई।

22 मई 2026: पुलिस ने आराेपी समर्थ सिंह को जबलपुर से गिरफ्तार किया। उसी दिन केस सीबीआई को सौंप दिया गया।

28 मई 2026 : सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह से पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार किया।

02 जून 2026 : पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तब से वे केंद्रीय जेल में बंद हैं।