समर्थकों ने लगाया 10 Km लंबा चक्काजाम, भाजपा जिला अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी ने दिया अपने पदों से इस्तीफा - khabarupdateindia

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Saturday, 11 July 2026

समर्थकों ने लगाया 10 Km लंबा चक्काजाम, भाजपा जिला अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी ने दिया अपने पदों से इस्तीफा


रफीक खान
मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा के उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान ने शुक्रवार की शाम उग्र रूप ले लिया। प्रदेश सरकार में गृहमंत्री रहे डॉ नरोत्तम मिश्रा को टिकट न दिए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर 10 किलोमीटर लंबा चक्का जाम कर डाला। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया। भाजपा प्रत्याशी बनाए गए आशुतोष तिवारी के विरोध के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के खिलाफ मुरदाबाद के नारे लगाए गए। नरोत्तम मिश्रा का यह शक्ति प्रदर्शन उनके भविष्य को कितना मजबूत बनाएगा या फिर उनकी जड़ें हिला देगा? यह बड़ा सवाल बन गया है। Supporters staged a 10-km-long road blockade; the entire executive committee, including the BJP district president, resigned from their posts.

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बजाय आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने पर भारी बवाल मच गया है। भारतीय जनता पार्टी के संघटनात्मक फैसले से नाराज समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने झांसी-दतिया हाईवे (NH-44) को जाम कर दिया, बाजार बंद कराए, और भाजपा जिलाध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी ने सामूहिक इस्तीफे की पेशकश कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ 'मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए गए। दतिया में स्थिति पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई। कार्यकर्ताओं ने आशुतोष तिवारी को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए विरोध जताया। विरोध के बीच दतिया के भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर शरण सिंह सहित पूरी कार्यकारिणी ने अपने पदों से इस्तीफे दे दिए। दतिया में यह उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के कारण हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस बगावत के कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें समर्थक अपने नेता का समर्थन कर रहे है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी में संगठन के फैसलों का सड़कों पर किए जाने वाला विरोध कभी भी स्वीकार नहीं किया गया। जबलपुर में उत्तर मध्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई मर्तबा ऐसा विरोध जताने की कोशिश की गई, जिसमें पार्टी ने FIR तक करवाने में कोई हिचक नहीं की।