रफीक खान
मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में चाचौड़ा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य ने माता सीता को लेकर विवादित बयान दे डाला। अपने भाषण में उन्होंने मंच से कहा कि युद्ध में पुरुष मरे, महिलाएं नहीं... और माता सीता को मौत का सामान बता दिया। मंच पर मौजूद भाजपा की महिला विधायक प्रियंका पेंची ने तत्काल इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शाक्य को रोकने का प्रयास किया। महिला विधायक ने स्पष्ट किया कि यह महिला विरोधी मानसिकता है। महिलाओं ने भी देश धर्म के लिए बड़े-बड़े बलिदान दिए हैं। इस सबके बावजूद पन्नालाल शाक्य अपने बयान पर कायम रहे। उन्होंने ना तो खेद व्यक्त किया और ना माफी मांगी। A female BJP MLA immediately voiced her protest right on the stage, clarifying in her speech that this reflects an anti-women mindset.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि "युद्धों में पुरुष मरे, महिलाएं नहीं" और माता सीता को 'मौत का सामान' बताया। मंच पर मौजूद भाजपा की महिला विधायक प्रियंका पेंची ने उनके इस कथन का तुरंत प्रतिवाद किया। भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने मंच पर महिला नेत्री के टोकने के बाद भी माफी नहीं मांगी और न ही कोई पश्चाताप व्यक्त किया, बल्कि वे अपने बयान पर कायम रहे। उन्होंने बहस के दौरान प्रियंका पैंची से कहा, "मैंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और मुझे पता है कि कहां क्या हुआ है"। उन्होंने महिला विधायक की आपत्ति को खारिज करते हुए उन्हें मंच पर वापस बैठने के लिए कह दिया। मंच पर दोनों नेताओं के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक और विधायक शाक्य के अड़ियल रवैये को लेकर कार्यक्रम के बाद भी काफी विवाद और चर्चा बनी रही। उन्होंने कहा- रामायण काल में रावण को उसके भाई ने बहुत समझाया था कि पराई स्त्री को लाना मौत का सामान है, उसे ससम्मान वापस भेज दो। उस युद्ध में भी कोई महिला नहीं मरी...।
