रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जो सीधे तौर पर मानव अंगों की तस्करी का संकेत दे रही है। एक 17 साल के नाबालिक लड़के का कत्ल सिर्फ इसलिए किया गया, क्योंकि कातिलों की डील उसके प्राइवेट पार्ट को बेचने की हुई थी। प्राइवेट पार्ट की कीमत 2 करोड रुपए सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में 13 संदेहियों से सघन पूछता जारी रखी है। इनमें दो संदेहियों के पास मिले कॉल डिटेल्स, इंटरनेट कनेक्शन और चैटिंग आदि की भी पड़ताल हो रही है। यह मामला बेहद संवेदनशील है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किस तरह से अपराध लोगों को आकर्षित कर रहा है, यह भी अति चिंतनीय है। पुलिस ने छोटे तालाब से नाबालिक का शव तो बरामद कर लिया है लेकिन उसके प्राइवेट पार्ट, उससे जुड़ी हुई डील आदि की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अभी भी तप्तीश के रास्ते में ही है। Body found in the capital's Chhota Talab; 13 suspects undergoing intensive questioning; shocking information uncovered from two of them.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मामला शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 17 वर्षीय अयान उर्फ रेहान पिता मोहम्मद कासिम अपने परिवार का इकलौता बेटा था और परिवार का खर्च चलाने में मदद करता था। वह भोपाल के मोती मस्जिद, इकबाल मैदान और आसपास के इलाकों में घूमकर पेन-कॉपी बेचता था। मूलत खंडवा जिले का निवासी किशोर 6 अगस्त 2026 को इकबाल मैदान इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर किशोर की तलाश शुरू की। 11 अगस्त 2026 को छोटे तालाब से एक शव बरामद हुआ। 14 अगस्त 2026 को परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर शव की पहचान अपने लापता बेटे के रूप में की। पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या की धाराओं में जांच शुरू की। रविवार को तलैया थाना पुलिस को मिली सूचना के आधार पर एक नाबालिग संदेही को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान किशोर की हत्या और उसके शव से प्राइवेट पार्ट अलग किए जाने से जुड़ी जानकारी पुलिस की जांच में सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने जोहेब, नेहा सहित कुछ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि करीब 13 लोगों से पूछताछ की जा रही है। इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस सभी संदिग्धों से अलग-अलग जानकारी जुटाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि कथित तौर पर नाबालिगों को यह लालच दिया था कि शरीर के एक खास अंग को विदेश भेजकर बड़ी रकम हासिल की जा सकती है। आरोप है कि इसी लालच में किशोर को मदद करने का भरोसा दिया गया और उसे एक सुनसान जगह पर ले जाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी कहानी के पीछे कौन लोग थे और किशोर को किस योजना के तहत निशाना बनाया गया। जांच में पुलिस तमाम तरह के सवालों के जवाब ढूंढने में लगी है।
