रफीक खान
मध्य प्रदेश पुलिस में पदस्थ रहे एक डीएसपी को पांढुरना पुलिस ने राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया है। उन पर एक महिला ने एसडीओपी के पद पर तैनाती के दौरान शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाने और उससे कई साल तक, कई बार दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारी के खिलाफ दुष्कर्म के अलावा एससी- एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस पुलिस संभाग में एसडीओपी रहकर उन्होंने शादी की वही दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस गिरफ्तार करके भी ले आई।Lured into a trap under the pretext of marriage and raped multiple times; police apprehended the accused in Bhopal and brought him back.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि छिंदवाड़ा की रहने वाली 31 वर्षीय पीड़ित महिला का आरोप है कि उसकी पहचान साल 2017 में केके वर्मा से हुई थी। तब केके वर्मा सौंसर में एसडीओपी थे और उसके परिवार के एक सदस्य के खिलाफ मारपीट का मामला उमरानाला चौकी में दर्ज हुआ था। इस मामले में एसडीओपी केके वर्मा जांच अधिकारी थे और इसलिए उसका संपर्क केके वर्मा से हुआ था। महिला का आरोप है कि केके वर्मा ने तब उससे मोबाइल नंबर ले लिया था और लगातार संपर्क में रहे। कुछ दिनों बाद केके वर्मा ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि दबाव बनाकर केके वर्मा ने उसे अपने सौंसर स्थित सरकारी आवास पर बुलाया और वहां पर संबंध बनाए। केके वर्मा ने उससे कहा कि वो उससे शादी करेगा और इसके बाद साल 2018 में केके वर्मा का सिवनी ट्रांसफर हो गया, लेकिन केके वर्मा तब भी उसके संपर्क में रहे और शारीरिक संबंध बनाते रहे। साल 2019 में भोपाल ट्रांसफर होने के बाद भी उससे संबंध बनाए। पीड़िता के मुताबिक केके वर्मा ने उसे भरोसा दिलाया था कि रिटायरमेंट के बाद वो उससे शादी करेंगे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद साल 2023 में जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो केके वर्मा ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। शादी से इंकार करने के बाद पीड़िता ने पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी केके वर्मा के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।
.jpg)