रफीक खान
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पुलिस के एक एएसआई द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग में जहां एक आदमी की मौत हो गई। वहां चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना एक प्लॉट को लेकर घटित होना बताया जा रहा है। ASI के प्लाट पर पड़ोसी ने कब्जा कर लिया था और वहीं से विवाद शुरू हुआ। घटना के बाद ASI तथा उसके भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान एएसआई द्वारा पुलिस टीम पर भी हमले की कोशिश की गई। ASI शाजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ है। Major uproar over a plot dispute; police arrest ASI and his brother for attempted assault.
जानकारी के मुताबिक कहां जाता है कि राजगढ़ जिले के तलेन थाना क्षेत्र के इकलेरा कस्बे में रविवार को प्लॉट के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शाजापुर जिले में पदस्थ एक एएसआई ने कथित तौर पर विवाद के दौरान 12 बोर की बंदूक से गोलियां चला दीं। फायरिंग में 5 लोग घायल हो गए, जिनमें से एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। अन्य घायलों का शुजालपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना का एक कथित लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गोली चलाने की घटना दिखाई दे रही है। पुलिस के अनुसार, इकलेरा निवासी दिलीप प्रजापति वर्तमान में शाजापुर जिले में ASI के पद पर पदस्थ हैं और सीसीटीएनएस का काम देखते हैं। इससे पहले वह सेना में कार्यरत थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए। इकलेरा में उनके प्लॉट पर मकान का निर्माण चल रहा है और इसी सिलसिले में वे छुट्टी लेकर वहां पहुंचे थे। दिलीप प्रजापति के प्लॉट के पास गुलाबबाई का एक प्लॉट था, जिसे मुकेश पिता स्वर्गीय प्रेमनारायण ने खरीदा था। मुकेश और उसके परिजनों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ASI उनके प्लॉट की जमीन पर भी कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। दिलीप प्रजापति के पास 12 बोर की बंदूक थी। आरोप है कि उन्होंने इसी बंदूक से फायरिंग कर दी। फायरिंग में दीपक पिता कनीराम (45) के सीने में गोली लगी। वहीं सतीश जाटव (30) के सीने के बाईं ओर और मुकेश जाटव (25) की जांघ में गोली लगी। दिलीप तथा उसके भाई सुरेश को पकड़ लिया।
