रफीक खान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व और निर्देश में पर जन विश्वास अभियान की शुरुआत कर दी गई है। छिंदवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री यादव ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी समेत कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। जनता के कामों में हीलावली और लापरवाही करने वाले अधिकारियों को न बख्शने की चेतावनी भी दी गई। पूरी सरकार और उसके अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि हर शुक्रवार को आम जनता के बीच पहुंचे। जमीनी हकीकत जानें और धरातल पर ही उनका निराकरण करें। Under the 'Jan Vishwas Abhiyan' (Public Trust Campaign), officials will visit the general public every Friday; instructions issued to assess ground realities.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि लापरवाही पाए जाने पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. नरेश गुन्नाड़े, परासिया की तहसीलदार सुनैना ब्रम्हे और पटवारी सिद्धांत साहू को मौके पर ही निलंबित करने के निर्देश दे दिए। चौरई जनपद पंचायत के सीईओ और श्रम अधिकारी की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश के साथ तीन अन्य अधिकारियों को नोटिस दिए गए। डॉ. मोहन यादव ने अपने कड़े रुख के बारे में मीडिया से कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं, इसलिए कार्रवाई की है। जनता की शिकायतों की अनदेखी करने वालों को सरकार बख्शेगी नहीं। एफडीडीआई ऑडिटोरियम में आयोजित अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में बैठकें बहुत अधिक होती हैं। इस स्थिति में बदलाव के लिए यह तय किया है कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत अब हर शुक्रवार नियमित बैठक नहीं होगी।
