रफीक खान
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को शिकस्त देकर चुनाव तो जीत लिया लेकिन अब एक नई समस्या खड़ी हो गई है। दतिया से निर्वाचित कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह पर वर्ष 1991 के एक आपराधिक मामले को छुपाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल कर दी गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता नरोत्तम मिश्रा द्वारा जिस तरह झूठे शपथ पत्र के मामले में कांग्रेस के विधायक रहे राजेंद्र भारती के खिलाफ जाल बिछाया गया था, उसी तर्ज पर अब घनश्याम सिंह को घेरे में लिया गया है। Allegation of concealing information regarding a 1991 criminal case; petition filed in the High Court.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि यह याचिका भाजपा नेता दीपक बेलपत्री द्वारा दायर की गई है। जिसमें वर्ष 1991 के एक आपराधिक मामले की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया है। बेलपत्री की तरफ से वकील शिवम गौतम द्वारा याचिका में दावा किया गया है कि वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम के दौरान एक FIR दर्ज की गई थी। जिसमें घनश्याम सिंह भी शामिल थे। जुलाई 2026 के उपचुनाव में दाखिल चुनावी शपथ पत्र में घनश्याम सिंह द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी दर्ज नहीं की गई। यह भी कहा गया है कि उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार घनश्याम सिंह द्वारा अपने शपथ पत्र में दो अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी दी गई है। अब पूरा मामला हाईकोर्ट ही तय करेगा कि इस आपराधिक मामले की दर्जियत आवश्यक थी या नहीं?
