रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सूरज नगर इलाके में राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे राकेश अग्रवाल की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस वारदात को उनके ही घर पर अंजाम दिया गया। घटना के वक्त वह अपने शयनकक्ष में अकेले थे, जबकि उनकी पत्नी बगल वाले कमरे में थी। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का एक बेटा है लेकिन वह अमेरिका में रहता है। घटना का महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि 2 दिन पूर्व ही जिस केयरटेकर को हायर किया गया था, वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।The couple lived alone, and their son resides abroad; they were alone in the room at the time of the incident, and the domestic help—who had arrived just two days earlier—has absconded.
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि सूरज नगर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का बंगला फार्म हाउस की तरह था। यहां वे तथा उनकी पत्नी साथ रहते थे। 1982 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी में दो दिन पूर्व ही एक सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से केयरटेकर के रूप में वरुण कुमार को फुल टाइम इंगेज किया था। वरुण कुमार घटना के बाद से लापता है। घटना को आधी रात के बाद करीब ढाई से 3:00 बजे के बीच अंजाम दिया जाना अनुमानित है। राकेश अग्रवाल की पत्नी सुबह 5:30 बजे जब मॉर्निंग वॉक जाने के लिए उठी तो वह पति को खून से लथपथ देख चौंक गई। उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच पड़ताल में पाया कि हत्यारे ने वारदात को दुर्घटना का रूप देने की भी कोशिश की है। घर की किचन में मौजूद दोनों गैस सिलेंडर की नॉब खुली थी। जिससे पूरे घर में एलपीजी रसोई गैस भर गई थी। इत्तेफाक था कि आग नहीं लगी, वरना वहां साक्षय जुटाना भी मुश्किल हो जाता। जानकारी पाने के बाद राकेश अग्रवाल के जूनियर तथा साथ में रहने वाले कई अधिकारी वहां पहुंच गए। राकेश अग्रवाल सख्त अधिकारी के रूप में पहचाने जाते थे। वह कई जिलों में कलेक्टर रहे और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, मंडल, निगम तथा प्रशासनिक अकादमी में भी उन्होंने सेवाएं दी। वे वर्ष 2016 में रिटायर्ड हुए थे।
