रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में मझौली थाना अंतर्गत क्षेत्र नीला तालाब विसर्जन कुंड के पास बुधवार तथा गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे महाकाली जुलूस में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब हाई टेंशन लाइन की चपेट में एक बड़ा ढांचा आ गया। देखते ही देखते दर्जन भर से ज्यादा लोग बिजली करंट से जमीन पर गिर गए। आनन -फानन में प्रशासन द्वारा एंबुलेंस व अन्य संसाधनों से लोगों को अस्पताल रवाना किया गया। जहां तीन लोगों की मौत की खबर मिली है। जबकि झुलसे हुए लोगों का इलाज किया जा रहा है। दूसरी ऐसी ही एक घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भी सामने आई है, जहां बिजली की करंट की चपेट में आए दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के चार लोगों की मौत हो गई। Chaos ensued following an incident in the middle of the night; a separate accident also occurred in Gorakhpur, resulting in four deaths.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मझौली सिविल लाइन पाठ दुर्गा उत्सव समिति द्वारा स्थापित की जाने वाली महाकाली दुर्गा माता की प्रतिमा बुधवार की रात विसर्जन के लिए ले जाई जा रही थी। विसर्जन जुलूस में कई झांकियां भी शामिल थी। प्रतिमा वाहन और झांकियों के बीच लोहे का बड़ा ढांचा हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गया। जिसे अचानक वहां करंट फैल और लोग करंट के झटके से उचट कर गिरने लगे। इस दौरान जो ज्यादा करंट की चपेट में था, वह मौत का शिकार हो गया और गंभीर रूप से करीब दर्जन भर लोग झुलस गए, उन्हें फौरन इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से तत्काल उन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पाकर जिला मुख्यालय से पुलिस तथा प्रशासन का अमला भी मौके पर रवाना हो गया। ऐसा कहा जा रहा है कि 11 केवी हाई टेंशन लाइन का खतरा हमेशा से बना चला आया है लेकिन हाई टेंशन लाइन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में शामिल स्ट्रक्चर की हाइट को जिम्मेदारों ने नजरअंदाज कर दिया। नतीजा यह गंभीर परिणाम सामने आ गया। क्षेत्र में 10 दिन तक जहां हर्षोल्लास, भक्ति, शक्ति और उत्सव का माहौल था। गुरुवार की सुबह वहां मातम की स्थिति बनी हुई है। लोग अपनी गलतियों की भी चर्चा कर रहे हैं और प्रशासन को भी कोस रहे हैं। सुबह से जनप्रतिनिधियों का भी आना-जाना यहां लगा हुआ है। मृतकों और घायलों के नाम और सूची अभी अधिकृत तौर पर सामने नहीं आई है।
