अंधेरगर्दी : राज्य सरकार के आबकारी विभाग के साथ 2.75 करोड़ की ठगी, जिम्मेदार अधिकारी मस्ती में - khabarupdateindia

खबरे


Sunday, 25 October 2026

अंधेरगर्दी : राज्य सरकार के आबकारी विभाग के साथ 2.75 करोड़ की ठगी, जिम्मेदार अधिकारी मस्ती में


रफीक खान
मध्य प्रदेश सरकार का आबकारी विभाग 2.75 करोड रुपए की ठगी का शिकार हो गया। जिम्मेदार अधिकारी न जाने किस मस्ती में चूर है कि वह कागजों की जांच पड़ताल तक समय पर ना खुद कर पा रहे हैं और न अपने मातहतों के जरिए करवा पा रहे हैं। राजधानी भोपाल के पी एंड टी चौराहा स्थित कंपोजिट शराब दुकान समूह के लाइसेंस धारी जसवंत ने पौने तीन करोड रुपए से अधिक की प्रतिभूति राशि के बदले फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद और उसकी बैंक सत्यापन रिपोर्ट भी लगा दी। जिम्मेदार अधिकारियों ने आंख मूंद कर उस समय ठेकेदार को ओके कर दिया। मामला उजागर होने के बाद जांच पड़ताल की औपचारिकताएं शुरू की जा रही हैं। Gross Mismanagement: State Excise Department Swindled of ₹2.75 Crore; Responsible

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर संदेह होने के बाद आबकारी विभाग ने 10 और 12 अक्टूबर 2026 को बैंक की एमपी नगर शाखा को पत्र भेजकर दोबारा सत्यापन कराया। बैंक ने 12 अक्टूबर को जारी अपने दो अलग-अलग पत्रों में स्पष्ट किया कि संबंधित ई-एफडीआर और सत्यापन रिपोर्ट उसके द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। इसके बाद आबकारी विभाग ने दस्तावेजों को कूटरचित बताते हुए लाइसेंसधारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सहायक आबकारी आयुक्त से मिले पत्र के आधार पर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कहा जाता है कि आबकारी विभाग ने बैंक से दोबारा सत्यापन कराया तो कथित फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इस मामले में सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय ने 17 अक्टूबर को कोहेफिजा थाना प्रभारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था, जिस पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। आबकारी विभाग के पत्र के अनुसार, वर्ष 2024-25 में पीएंडटी चौराहा (BPL/F-14) शराब दुकान समूह को 27 करोड़ 55 लाख 35 हजार 348 रुपये के वार्षिक मूल्य पर जसवंत को आवंटित किया गया था। नियमानुसार उन्हें इसकी 10 प्रतिशत राशि यानी 2 करोड़ 75 लाख 53 हजार 535 रुपये प्रतिभूति के रूप में जमा करनी थी। लाइसेंसधारी ने एयू स्माल फाइनेंस बैंक की 12 मई 2024 की ई-एफडीआर कार्यालय में प्रस्तुत की थी। इसके बाद 20 मई 2024 को अपनी ई-मेल आईडी से बैंक की सत्यापन रिपोर्ट भी विभाग को भेजी गई। ऐसा कहा जा रहा है कि अब आबकारी विभाग सभी ठेकेदारों द्वारा जमा की गई एफडी की जांच कर रहा है, इसमें और खुलासा होने की संभावना है।