धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर्स पर सरकार करेगी कंट्रोल, निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही किया जा सकेगा उपयोग, CM मोहन यादव का पहला फैसला - khabarupdateindia

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धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर्स पर सरकार करेगी कंट्रोल, निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही किया जा सकेगा उपयोग, CM मोहन यादव का पहला फैसला





Rafique Khan

मध्य प्रदेश में बुधवार को नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉक्टर मोहन यादव द्वारा धार्मिक स्थलों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर उपयोग होने वाले लाउडस्पीकर की आवाज को कंट्रोल करने का आदेश जारी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री यादव द्वारा जारी किए गए अपने इस पहले आदेश के मुताबिक किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थानों पर निर्धारित मापदंड के अनुरूप ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों यानी कि लाउडस्पीकर और डीजे आदि का उपयोग किया जा सकेगा। राज्य सरकार द्वारा ध्वनि प्रदूषण तथा लाउडस्पीकर आदि के वैधानिक उपयोग की जांच के लिए सभी जिलों में उड़न दस्ते भी गठित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में प्रभार ग्रहण करने के बाद इससे संबंधित प्रथम नस्ती पर हस्ताक्षर किये।

जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थल और अन्य स्थानों पर मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रावधानों तथा सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है। इसके तहत लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम विरूद्ध तेज आवाज में बिना अनुमति के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है।

3 दिन में पेश करना होगा जांच प्रतिवेदन

बताया जाता है कि ध्वनि प्रदूषण तथा लाउड स्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जाँच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्ते नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों जहाँ ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, का निरीक्षण करेंगे तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम 3 दिन में जाँच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।

यह रहेंगे उड़ान दस्तों में शामिल

बताया जाता है कि उड़नदस्तों में जिला प्रशासन द्वारा नामित अधिकारी, संबंधित थाने का प्रभारी तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नामित अधिकारी सदस्य रहेंगे। जिले के समस्त उड़नदस्तों का नोडल अधिकारी एक अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी स्तर का अधिकारी होगा, जिसे जिला कलेक्टर द्वारा नामित किया जायेगा।

लाउडस्पीकरों को हटाने का भी होगा प्रयास

बताया जाता है कि धर्म गुरूओं से संवाद और समन्वय के आधार पर लाउड स्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जायेगा। ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाकर जहाँ इन नियमों और निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है, जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा कर पालन प्रतिवेदन आगामी 31 दिसंबर तक गृह विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।

ADGP नोडल अधिकारी नियुक्त

ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिये अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग) पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी समय-समय पर लाउड स्पीकरों, डीजे आदि के अवैधानिक प्रयोग के संबंध में प्रतिवेदन शासन को प्रस्तुत करेंगे। इस संबंध में गृह विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।