केंद्रीय मंत्री और राजस्थान के CM होते रहे परेशान, NEET की तैयारी कर रही छात्रा इंदौर में "लिव इन रिलेशनशिप" में रह रही थी, किडनैप होने की फर्जी कहानी की मास्टरमाइंड निकली - khabarupdateindia

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केंद्रीय मंत्री और राजस्थान के CM होते रहे परेशान, NEET की तैयारी कर रही छात्रा इंदौर में "लिव इन रिलेशनशिप" में रह रही थी, किडनैप होने की फर्जी कहानी की मास्टरमाइंड निकली



रफीक खान
NEET नीट की तैयारी कर रही जिस छात्रा के फुटेज और वीडियो देखकर न सिर्फ परिवारजन बल्कि केंद्रीय मंत्री Centrel Minister ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री CM Rajsthan भजनलाल शर्मा परेशान होते रहे, वह अपने अपहरण की मास्टरमाइंड निकली। छात्रा ने किसी भी शिक्षण संस्थान में कोई एडमिशन नहीं लिया था, बल्कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ इंदौर में लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। इस मामले में लगातार सीसी कैमरो के जरिए नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस भी छात्रा की करतूत को जानकर हैरत में है।

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि शिवपुरी की लड़की के राजस्थान के कोटा से किडनैप होने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने चौंका देने वाला खुलासा किया है। कोटा पुलिस ने बताया है कि किडनैपिंग की कहानी झूठी थी और खुद लड़की ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ये प्लानिंग रची थी। पुलिस के मुताबिक लड़की की बंधक बनी जो तस्वीरें उसके पिता को भेजकर 30 लाख रूपए फिरौती मांगी गई थी वो भी लड़की ने ही अपने इंदौर में रहने वाले दोस्त के घर के किचिन में खुद खिंचवाई थीं।

सिमरन ग्रुप होस्टल भंवरकुआं पर छापा

कहा जाता है कि इस पर कोटा के विज्ञाननगर थाना पुलिस इंदौर पहुंच गई। यहां क्राइम ब्रांच की मदद से भोलाराम उस्ताद मार्ग (भंवरकुआं) स्थित सिमरन ग्रुप होस्टल पर छापा मारा। इस होस्टल में नीट का छात्र ब्रजेंद्र प्रताप अहिरवार रहता था। पुलिसकर्मियों ने उसका रूम और किचन देख पहचान लिया कि छात्रा का रस्सी से बंधा जो फोटो उसके पिता को भेजा गया था, वह उसी कमरे का था। पुलिस ने फोटो खींचने और भेजने में शामिल रहे ब्रजेंद्र प्रताप को हिरासत में ले लिया।

14 को ब्रजेंद्र का दोस्त युवती के साथ होस्टल में आया

मूलत: सागर निवासी ब्रजेंद्र प्रताप पुत्र भूपत अहिरवार 20 फरवरी से होस्टल के रूम नंबर- 403 में रुका था। ब्रजेंद्र भी नीट का छात्र है। 14 मार्च को ब्रजेंद्र का दोस्त युवती के साथ होस्टल में आया था। तब तीनों एक ही रूम में रुके थे। ब्रजेंद्र ने मैनेजर को बताए बगैर छात्र-छात्रा को दूसरे रूम में ठहरा दिया था। 15 मार्च को मैनेजर ने उन्हें दूसरे रूम में देख पूछा तो ब्रजेंद्र ने कहा मेरे भाई-बहन हैं, परीक्षा देने आए हैं। इस पर मैनेजर ने आइडी कार्ड और दूसरे रूम के किराए के बिना उन्हें वहां ठहराने से इन्कार कर बाहर भेज दिया। 19 मार्च को दोनों फिर उसी होटल पहुंचे और मैनेजर मनोज से रूम मांगा, तब भी उन्होंने यही कहा कि उनकी परीक्षा चल रही है। एक महीने के लिए रूम चाहिए। इस दौरान युवती होस्टल से थोड़ी दूर खड़ी थी। मनोज ने पुन:आइडी मांगा और नहीं देने पर रूम देने से इन्कार कर दिया। मंगलवार रात कोटा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जब होटल पहुंचकर मनोज के माध्यम से ब्रजेंद्र को फोन लगाया तो उसने होस्टल आने से इन्कार कर दिया।

एसपी ने 30 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया था

पुलिस ने तत्काल उसकी लोकेशन निकाली और विजयनगर क्षेत्र से पकड़ लिया। देर रात ब्रजेंद्र सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि युवती और उसका दोस्त अमन विदेश जाना चाहते थे। इसके लिए रुपयों का इंतजाम करने के लिए उन्होंने युवती के पिता से रुपये वसूलने की योजना बनाई थी। युवती और उसके दोस्त की लोकेशन इंदौर के भंवरकुआ क्षेत्र में होने की जानकारी के बाद पुलिस दोनों को तलाश रही है। कोटा से छात्रा के किडनैपिंग के इस मामले ने उस वक्त बड़ा रूप ले लिया था जब मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद इस पर संज्ञान लिया था। सिंधिया ने राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा से फोन पर बात कर लड़की को पुलिस की सहायता से सुरक्षित घर लाने की बात कही थी तो वहीं लड़की के पिता से भी फोन पर बात कर ये भरोसा दिलाया था कि अब लड़की को घर लाने की जिम्मेदारी उनकी है। कोटा एसपी ने 30 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया था।