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Friday, 18 July 2025

गैंगस्टर के निकाले जुलूस ने पुलिस को डाला मुश्किल में, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पारित किया आदेश


रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कुख्यात गैंगस्टर जुबेर मौलाना की गिरफ्तारी के बाद निकाले गए जुलूस को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के उपरांत सख्त रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग को इस संबंध में कार्रवाई के लिए आदेशित किया है। गैंगस्टर की पत्नी शमीम बानो द्वारा एक याचिका दायर कर आरोप लगाया कि इस्लाम धर्म के मुताबिक उनके पति ने दाढ़ी रखी थी लेकिन पुलिस ने न सिर्फ अमानवीयता के साथ मारपीट की बल्कि दाढ़ी, मूंछ और सिर भी मुंडा दिया। Gangster's procession put police in trouble, Madhya Pradesh High Court passed order

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मप्र हाईकोर्ट जबलपुर में दायर की गई याचिका में कहा था कि इस्लाम में दी गई व्यवस्था के खिलाफ पुलिस ने यह कदम उठाया है।गैंगस्टर जुबेर और उसके तीन गुर्गों को दो महीने पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जुबेर के पास से एक देसी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और तीन छुरी जब्त की गई थी। जुबेर और उसके साथियों ने मंगलवारा और टीला जमालपुरा क्षेत्र में वाहनों में तोड़-फोड़ की थी और फायरिंग भी की थी। इस मामले में पुलिस ने दावा किया था कि जुबेर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद ही दाढ़ी-मूंछ और सिर मुंडवा लिया था। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता प्रशांत चौरसिया ने कोर्ट को बताया कि वारंट तामीली के मामले में पुलिस ने जुबेर को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर, दाढ़ी-मूंछ मुंडवाकर शहर में जुलूस निकाला गया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि भोपाल कमिश्नर और मानव अधिकार आयोग को शिकायत पत्र देकर दोषी पुलिस कर्मचारियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी।अधिवक्ता ने बताया कि यह मामला आर्टिकल 21, 22 25 और ह्यूमन राइट्स के उल्लंघन का है। कोर्ट को बताया गया कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के बाद उसका जुलूस नहीं निकाला जा सकता। पुलिस को संबंधित कोर्ट में पेश करने का अधिकार है। इसके बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा जाएगा।