रफीक खान
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO के कार्यालय में कार्यरत एक डाटा एंट्री ऑपरेटर नर्सिंग ऑफिसर का ट्रांसफर कर रहा था। बिना किसी वैध अधिकार के उसने नर्सिंग ऑफिसर से ₹50000 में सौदा तय किया और फिर लोकायुक्त पुलिस के हाथों रंगे हाथों दबोचा गया। डाटा एंट्री ऑपरेटर की रिश्वतखोरी से यह बात सामने आ गई कि जिला स्तर के अधिकारी भी किस तरह से छोटे-छोटे कर्मचारियों को वसूली में टूल्स के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। Jabalpur Lokayukta police took action in Chhindwara against a lowly employee who was posted at the CMHO office.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि आवेदिका पुष्पा वडघरे उम्र 45 वर्ष, नर्सिंग आफिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला, जिला छिंदवाड़ा में पदस्थ है, का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में कराने के एवज में आरोपी जितेन्द्र यदुवंशी डाटा मेनेजर (संविदा), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सी.एम. एच.ओ कार्यालय में पदस्थ खजरी जिला छिंदवाड़ा द्वारा 50000 रु रिश्वत की मांग की जा रही थी। 2 फरवरी के दिन आरोपी को ₹50000 लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया । आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। ट्रेप दल में निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, निरीक्षक राहुल गजभिये,उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद था।
