रफीक खान
अब तक लुटेरी दुल्हनों और उनके गैंग के बारे में सुना जाता रहा है। पुलिस ने ऐसी कई शिकायतें दर्ज की और आरोपियों को गिरफ्तार भी किया लेकिन मध्य प्रदेश के देवास जिले में अब एक नया मामला सामने आया है। यहां मूल रूप से विदिशा जिले के रहने वाले एक युवक ने माता टेकरी पर 24 और 25 तारीख को सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने का प्रचार किया। अपने एजेंट के जरिए लोगों को मॉडल की फोटो भेजी और उन्हें अनाथालय की बेसहारा लड़कियां बताया। प्रत्येक रिश्ते के लिए 15 से 25000 रुपए ऑनलाइन लिए गए। करीब 42 दूल्हे बारात लेकर सज-धज कर देवास के माता मंदिर पहुंचे लेकिन ना तो वहां मंडप मिला और ना ही दुल्हनें। यहां तक कि पैसे लेने वाला भी चंपत हो गया। अब यह सभी दूल्हे थाने में डेरा डाले हुए हैं। Millions of rupees were raised by sending photos of models, and the illusion of a mass wedding for an orphanage was spread at the Mata Mandir.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि देवास में माताजी टेकरी के नीचे राधागंज स्थित क्लब ग्राउंड में आरोपियों ने इंदौर के अनाथ आश्रम (मातृ छाया) की युवतियों से सामूहिक विवाह कराने का वादा किया था। हर दूल्हे से रजिस्ट्रेशन और शादी के नाम पर 15,000 से 25,000 रुपये तक वसूले गए। आरोपियों ने मोबाइल पर मॉडल्स और सोशल मीडिया से निकाली गई लड़कियों की तस्वीरें दिखाई थीं। कहा जा रहा है कि विदिशा निवासी अनिल बैरागी नाम की युवक ने अपने रिश्तेदारों को परीक्षकों को एजेंट बनाया तथा फर्जी सामूहिक विवाह सम्मेलन का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी करने की शिकायत पर जांच में लग गई है।
