बंगले में अकेली थी बेटी, पुलिस ने मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट - khabarupdateindia

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Wednesday, 27 May 2026

बंगले में अकेली थी बेटी, पुलिस ने मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट


रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चार इमली स्थित बंगले में एक आईपीएस अधिकारी की नाबालिक बेटी ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना के वक्त घर पर बेटी ही अकेली थी। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एआईजी पिता ड्यूटी पर थे। वहीं मां गैस पुनर्वास कार्यालय में रजिस्टर हैं, वह भी ऑफिस रवाना हो गई थी। सूचना के बाद माता-पिता के अलावा हबीबगंज थाने की पुलिस भी पहुंच गई। मृतका का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच पड़ताल जारी है। The daughter was alone in the bungalow; police sent her mobile for forensic examination, but no suicide note was found.

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार कंचन पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिदेशक के रूप में पदस्थ हैं। संजीव कुमार कंचन राज्य पुलिस सेवा संवर्ग से विभाग में दाखिल हुए थे और अब वो आईपीएस अधिकारी हो चुके हैं। वर्ष 2023 में हरदा एसपी के रूप में पदस्थ रहे। पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद वहां से उन्हें राज्य सरकार ने हटा दिया था, तब से पीएचक्यू में ही पदस्थ हैं। उनकी 17 वर्ष की बेटी 11वीं क्‍लास में पढ़ती थी। छात्रा ने जब फांसी के फंदे से लटककर आत्‍महत्‍या की, तब घर में कोई मौजूद नहीं था। छात्रा की सुसाइड करने की सूचना मिलने पर पुलिस आईपीएस अधिकारी के घर पहुंची और शव को पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया। हबीबगंज पुलिस के अनुसार छात्रा चार इमली में सरकारी बंगले में परिवार के साथ रहती थी। उसने जिस कमरे में आत्‍महत्‍या की, वहां कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्रा की किताबों और सामान की भी जांच की गई, लेकिन यहां भी कुछ ऐसा नहीं मिला, जिससे आत्‍महत्‍या की वजह साफ हो पाए। पुलिस हर एंगल से पड़ताल में लगी है। चूँकि मामला एक आईपीएस परिवार से संबंधित है, इसलिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना भी स्वयं जांच पर नजर लगाए हुए हैं।