रफीक खान
मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक ट्रिपल मर्डर का मामला सामने आया है। इस वारदात की साजिश रचने और उसे अंजाम देने वाला एक बेटा है। जिसे अपनी सगी मां के चरित्र पर आपत्ति थी। साथ ही मां के लिव इन पार्टनर की करोड़ों रुपए की संपत्ति पर नजर थी। जिसके चलते मां, उसके लिव इन पार्टनर और लिव इन पार्टनर के कारोबार को देखने वाले साथी को गला घोटकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के पहले आरोपी बेटे, उसके मौसेरे भाई और एक अन्य साथी ने मृतकों के साथ मिलकर शराब खोरी की और इसके बाद एक-एक कर तीनों का जीवन समाप्त कर दिया। पुलिस को इस मामले की गुत्थी सुलझाने में ज्यादा वक्त नहीं लगा और मात्र 6 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर राज फाश कर दिया गया। A conspiracy hatched over a mother's character and property worth crores; the crime was committed after a bout of drinking.
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी सीताराम शर्मा है, जिसने अपने मौसेरे भाई सुरेंद्र शर्मा और एक अन्य साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। मृतक गिंदाबाई (उम्र 45 वर्ष): यह मुख्य आरोपी सीताराम की सगी मां थीं। ओमप्रकाश शर्मा (उम्र 56 वर्ष), यह मृतिका गिंदाबाई के लिव-इन पार्टनर था। रिश्ते में आरोपी सीताराम इन्हें अपना सौतेला पिता मानता था।रामकिशन जाटव (उम्र 42 वर्ष): यह ओमप्रकाश शर्मा का दोस्त और खेती सहित सभी कारोबार को देखता था। कहा जाता है कि पुलिस पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पाया गया कि आरोपियों और मृतकों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। इसके बाद मुख्य आरोपी सीताराम (गिंदाबाई का बेटा) को अपनी मां के अवैध संबंधों और करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन के विवाद को लेकर भारी गुस्सा था, जिसके बाद उसने अपने साथी सुरेंद्र व अन्य के साथ मिलकर तीनों की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृत महिला के बेटे और मौसेरे भाई को अरेस्ट कर लिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है। घटना का जब कल राज खुल तो पुलिस ने आनन फानन में बड़ी गफलत कर दी। पुलिस ने घर के एक कमरे से सड़ी-गली लाश निकालकर उसे ओमप्रकाश शर्मा मान लिया था। परिजनों को शव सौंपकर अंतिम संस्कार भी करवा दिया लेकिन आज जब पुलिस ने दूसरे कमरे का ताला तोड़ा, तो वहां से दो और शव बरामद हुए। तब पता चला कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह असल में रामकिशन का था और ओमप्रकाश का शव दूसरे दिन को बरामद हुआ। एक ही घर में 3 शव मिलने के बाद पुलिस को हत्याकांड सुलझाने में वक्त नहीं लगा।
