रफीक खान
मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस रहे शैलेश सिंह तथा उनके इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब के लिए खेलने वाले क्रिकेटर बेटे शशांक सिंह के खिलाफ भोपाल पुलिस ने रातीबड़ थाने में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। यह एफआईआर उनके घर काम करने वाले घरेलू रसोई द्वारा मारपीट, गाली गलौज और जबरन बंधक बनाकर लूट करने के आरोप के बाद दर्ज की गई है। मामले में पूर्व डीजी रह चुके शैलेश सिंह के ड्राइवर मिश्रा को भी सह आरोपी बनाया गया है। A domestic cook has lodged a complaint regarding assault and robbery; Shailesh Singh is a former Special DG, and the driver has also been named a co-accused.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि रीवा निवासी पीड़ित कुक विपेंद्र सिंह की शिकायत के अनुसार, उसे एक परिचित के माध्यम से भोपाल बुलाया गया था। उससे वादा किया गया था कि शैलेश सिंह के घर पर खाना बनाने के बदले उसे 15 हजार रुपये प्रति महीना सैलरी, रहने और खाने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, भविष्य में सरकारी नौकरी लगवाने में मदद का झांसा भी दिया गया था। विपेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि भोपाल पहुंचकर काम शुरू करने के कुछ ही घंटों के भीतर उस पर मानसिक रूप से लगातार काम का अत्यधिक दबाव बनाया जाने लगा। पीड़ित के मुताबिक, 'घर में पहले से काम कर रहे एक अन्य कुक को भी लगातार गालियां दी जा रही थीं। जब मैंने यह माहौल देखकर काम छोड़ने और वापस जाने की बात कही, तो वे लोग भड़क गए और धमकी देते हुए कहा कि काम नहीं करेगा तो यहां आया क्यों?' आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने विपेंद्र का मोबाइल फोन छीन लिया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके और उसे जबरन काम करने के लिए मजबूर किया। डर के मारे पीड़ित ने खुद को बचाने के लिए एक कमरे में बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि पूर्व आईपीएस शैलेश सिंह , क्रिकेटर शशांक सिंह और ड्राइवर मिश्रा ने दरवाजा खोलकर उसके साथ बर्बरता से मारपीट की। पीड़ित के शरीर और चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए हैं। कुक की लिखित शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भोपाल की रातीबड़ थाना पुलिस ने धारा 296(बी): अश्लील हरकतें और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करना, धारा 115(2): स्वेच्छा से किसी को चोट पहुंचाना या मारपीट करना
धारा 3(5): जब कई लोग मिलकर किसी एक अपराध को अंजाम देते हैं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
