रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक एडिशनल चीफ इंजीनियर तथा कार्यपालन यात्री को रिश्वत लेते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। दोनों ही अधिकारी कटनी जिले की तहसील बहोरीबंद के ग्राम बचईया में जूनियर इंजीनियर के कार्यालय निर्माण के कार्य की राशि 10 लाख रुपए का भुगतान करने हेतु ठेकेदार को लगातार परेशान कर रहे थे। तय हुई रिश्वत की रकम में से आधी- आधी राशि ले भी चुके थे। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम इनको कुछ और भ्रष्टाचारों की फाइल भी खोल रही है। Two corrupt officials from the MP Poorva Kshetra Vidyut Vitaran Company nabbed simultaneously; action taken at the circle office.
जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि प्रार्थी अशोक कुमार द्विवेदी निवासी गुप्तेश्वर, जबलपुर द्वारा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर को एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिसमें उल्लेखित है कि ग्राम बचैया तहसील बहोरीबंद, जिला कटनी में जूनियर इंजीनियर के कार्यालय के निर्माण कार्य की राशि 10.00 लाख रुपये का भुगतान करने हेतु अनावेदक चंद्रशेखर मेहरा, कार्यपालन यंत्री(सिविल) द्वारा 20,000/-रूपये एवं प्रहलाद मर्सकोले, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) द्वारा 30,000/-रूपये रिश्वत की मांग की जा रही है। ईओडब्ल्यू द्वारा शिकायत का सत्यापन सही पाया। जिसमें से एक आरोपी चंद्रशेखर मेहरा द्वारा प्रार्थी से 5000 रुपये की रिश्वत राशि पहले ले लिये गये है। ईओडब्ल्यू जबलपुर की टीम ने 29 जून को कार्यवाही करके दोनों आरोपी अधिकारियो प्रहलाद मर्सकोले, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) को नगद राशि 10000 रुपये एवं आरोपी चंद्रशेखर मेहरा कार्यपालन यंत्री(सिविल) को राशि 15,000 रुपये की रिश्वत की दूसरी किश्त लेते हुये उनके कार्यालय अधीक्षण अभियंता (सिविल) सर्किल जबलपुर म.प्र.पू.क्षे.वि. वि. कम्पनी, रामपुर में ही एक साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संशोधित 2018 की धारा 7 (ए) के तहत अपराध दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
