रफीक खान
मध्य प्रदेश में एक बार फिर वन माफिया ने फॉरेस्ट टीम पर हमला कर दिया। राजगढ़ जिले में बुधवार को तड़के डिप्टी रेंजर के नेतृत्व में गई 7 सदस्यीय टीम पर माफिया ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। कुल्हाड़ी, लाठी, फरसा, कांच की बोतल और पत्थरों से भी हमला कर अधिकारी और कर्मचारियों को लहु लहान कर दिया। मुठभेड़ करीब आधे घंटे चलती रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग के की टीम को माफिया के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। A seven-member Forest Department team arrived at dawn to intercept teak smugglers; a confrontation ensued, lasting half an hour, and an FIR has been registered.
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि विभाग को सूचना मिली थी कि व्यापक पैमाने पर आधी रात के बाद से दो पहिया वाहनों के माध्यम से अवैध शगुन की तस्करी हो रही है। सूचना पर डिप्टी रेंजर दिनेश नागर के नेतृत्व में टीम राजगढ़ जिले के ब्यावरा सुठालिया वन क्षेत्र में अवैध सागौन की तस्करी रोकने के लिए बुधवार को तड़के पहुंची थी। वापस लौट रही वन विभाग की टीम पर वन माफिया ने सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में डिप्टी रेंजर (दिनेश नागर) सहित 5 वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। तस्कर वन विभाग की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और क्षेत्र में ताबड़तोड़ सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।
