रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुजुर्ग रेल कर्मचारी और उनकी पत्नी पर घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया गया। ब्लाइंड तथा सनसनीखेज हत्याकांड की खबर पाने के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह द्वारा मौके पर क्राइम ब्रांच के अलावा 10 टीमें मैदान में उतार दी गई है। अब तक डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों से सघन पूछताछ की जा चुकी है। संपत्ति विवाद, अवैध संबंध तथा लूट आदि को फोकस कर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का मानना है कि हमलावर जो भी है, वह या तो करीबी रिश्तेदार है या फिर बुजुर्ग दंपति के परिवार के घर की पल-पल की जानकारी रखते थे। Brazen and sensational: Retired railway employee and his wife shot dead on the spot in a rapid-fire attack.
जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि ऐशबाग के सुदामा नगर में रेलवे से सेवानिवृत्त हेमंत फिलेमोन उर्फ हेमंत बारिक और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की दोहरे हत्याकांड की जांच अब गहन हो गई है। उत्तराधिकारी, रिश्तेदार, किरायेदार और नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों समेत करीब 20 लोगों की संदिग्ध सूची तैयार कर उनसे गहन पूछताछ की गई। पुलिस ने घटनास्थल पर सर्च ऑपरेशन चलाया। घर से करीब 10 पुराने मोबाइल फोन, निजी रजिस्टर, दस्तावेज और अन्य रिकार्ड जब्त किए गए हैं। सभी मोबाइलों की काल हिस्ट्री, संपर्क और डिजिटल डाटा की जांच कराई जा रही है। हालांकि इनमें से अधिकतर फोन खराब थे, जिनमें सिम भी नहीं थी। तलाशी के दौरान पुलिस को हेमंत का निजी रजिस्टर भी मिला है। इसमें कई लोगों से रुपये लेने और देने का हिसाब दर्ज है। रकम बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन पुलिस प्रत्येक नाम की जांच कर रही है। पहले बेची गई संपत्तियों से मिली रकम कहां खर्च हुई और वर्तमान में बैंक खातों में कितनी राशि है, इसकी भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान एक किरायेदार के बयान ने पूरे घटनाक्रम में एक नया एंगल जोड़ दिया है। उसने पुलिस को बताया कि देर रात दंपती के बीच विवाद हुआ था और इसके बाद दो बार गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी थी। उसने यह भी दावा किया कि अगले दिन उसे केवल हेमंत दिखाई दिए, शकुंतला नजर नहीं आईं लेकिन पुलिस की जांच में यह बयान पूरी तरह मेल नहीं खा रहा।जांच अधिकारियों को जानकारी मिली है कि शकुंतला की सामने रहने वाली महिला पड़ोसी से बातचीत और हल्की कहासुनी हुई थी। इससे किरायेदार का बयान संदेह के घेरे में आ गया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि उसने गलत जानकारी क्यों दी और क्या वह किसी तथ्य को छिपाने की कोशिश कर रहा है। तकनीकी जांच में यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि शाम छह बजे के बाद ही दोनों की हत्या हुई। शाम तक दंपती ने छत्तीसगढ़ में अपने रिश्तेदारों से सामान्य बातचीत की थी। इसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए। पुलिस का अनुमान है कि उसी दौरान हुई तेज बारिश और टीन की छत पर पड़ती आवाज ने फायरिंग की आवाज को दबा दिया, जिससे आसपास के लोगों को वारदात का पता नहीं चला। जांच में एक पहलू संपत्ति का मालिकाना हक भी है। हेमंत और शकुंतला दोनों की यह दूसरी शादी थी। वे पहले जीवनसाथियों को तलाक दे चुके थे। दोनों की कोई संतान नहीं थी। हेमंत के तीन भाई थे, जिनमें दो अविवाहित थे और एक भाई के दो बच्चे हैं, जिन्हें कानूनी उत्तराधिकारी बताया जा रहा है। इनमें मृदुल उर्फ सोनू नामक युवक से पूछताछ की जा रही है। शकुंतला के मायके पक्ष ने पुलिस को बताया कि वह अपने भाई विनोद के छोटे बेटे वैभव को संपत्ति देना चाहती थीं। हालांकि 2020 में कार्डियक अरेस्ट से वैभव की मौत हो गई थी। इसके बाद दंपती अक्सर कहते थे कि जो हमारी सेवा करेगा, वही संपत्ति का हकदार होगा।
