मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में भेड़ाघाट थाना अंतर्गत कूड़न के समीप अवैध रेत खदान में जेसीबी मशीन से हो रही सफाई के दौरान एक युवक की दबकर मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय नागरिकों ने घटना का जमकर विरोध किया। क्षेत्रीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि अवैध रेत खदान की शिकायत कई बार माइनिंग विभाग को की गई लेकिन माइनिंग विभाग बजाए अवैध कारोबार को बंद करने के उसका संरक्षक बना हुआ है। Incident occurs during cleanup using a JCB machine; the responsible Mining Department failed to take action despite complaints.
जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि कूड़न निवासी अभिषेक सिंह और उसके कुछ साथी इस खदान का संचालन कर रहे थे। उनका कहना है कि पिछले पांच-छह महीनों से यहां से ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए अवैध रूप से रेत निकाली जा रही थी और आसपास के क्षेत्रों में बेची जा रही थी। ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने अवैध रेत खनन को लेकर पहले भी प्रशासन को जानकारी दी थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समय रहते कदम उठाए जाते तो इस हादसे को टाला जा सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ताज्जुब की बात तो यह है कि जिला खनिज अधिकारी एसके राय को इस संबंध में जानकारी नहीं है। वे भी पुलिस से संपर्क कर रहे हैं। यदि अवैध रेत उत्खनन से जुड़ा मामला है तो इसकी जांच की जाएगी। मीडिया से खुलकर इस तरह के बयान देने वाले अधिकारियों को इस बात की जरा भी झिझक नहीं है कि वह आखिर सरकार के नुमाइंदे के रूप में किस चीज के लिए जिम्मेदार बनाए गए हैं?
