रफीक खान
मध्य प्रदेश की देवास पुलिस ने अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह में 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। बहुत ही शान के साथ गिरोह के सदस्य कार में सवार होकर धार्मिक आयोजन स्थलों पर पहुंचते थे और अपने हाथ की सफाई दिखाते हुए चंपत हो जाते थे। मूलत: तमिलनाडु के रहने वाले इस गिरोह ने अपना ठिकाना दिल्ली में बना रखा है और पूरे भारत में घूम-घूम कर वारदातों को अंजाम देते थे। पकड़े गए गिरोह ने भेड़ाघाट में हुई लूट का भी खुलासा किया है। देवास पुलिस ने जबलपुर पुलिस को खबर दे दी है, जल्द ही जबलपुर पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आएगी। Inter-state chain-snatching gang busted; Jabalpur police to take accused on transit remand.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि आरोपियों ने जून माह के मात्र 15 दिनों में आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी, भेड़ाघाट (जबलपुर) और देवास में कुल 9 वारदातों को अंजाम दिया। देवास में की गई वारदात इस गिरोह की नौवीं घटना थी। पुलिस ने घटना के तीन दिनों के भीतर सभी आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 सोने की चेन, एक लग्जरी कार, महंगे स्मार्टफोन एवं नकदी सहित लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है। कहा जाता है कि 11 जून 2026 को फरियादिया श्रीमती सरोज अग्रवाल, पति श्री नरेंद्र अग्रवाल, उम्र 60 वर्ष, निवासी यशवंतगंज, देवास ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 जून 2026 को मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला, ए.बी. रोड, देवास में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अज्ञात महिला ने उनके गले से लगभग 3.50 लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन एवं पेंडल चोरी कर लिया।
CC कैमरों से मिला सुराग
रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत शहर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के सैकड़ों फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी लगभग 500 मीटर पैदल चले, फिर ऑटो से करीब 2 किलोमीटर दूर हाईवे पहुंचे और वहां खड़ी अपनी लग्जरी कार में सवार होकर फरार हो गए। गिरोह की महिला सदस्य धार्मिक आयोजनों, भागवत कथा, प्रवचन, मेलों, शोभायात्राओं और अन्य भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालु बनकर शामिल होती थीं। आरोपी अपनी कार को आयोजन स्थल से दूर खड़ी करते थे और ऑटो या पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचते थे। प्रसाद वितरण अथवा भीड़भाड़ के दौरान महिलाएं श्रद्धालुओं के निकट पहुंचकर बड़ी सफाई से उनके गले से सोने की चेन निकाल लेती थीं। वारदात के तुरंत बाद आरोपी अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते थे ताकि किसी को संदेह न हो। गिरोह के पुरुष सदस्य निगरानी, परिवहन और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का कार्य करते थे।
गिरफ्तार आरोपी:
जया, उम्र 55 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली (मुख्य सरगना)
ज्योति, उम्र 30 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
मगमा, उम्र 40 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
देवी, उम्र 40 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
देवेंद्र, उम्र 40 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
रवि, उम्र 36 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
राहुल, उम्र 30 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
उक्त सभी आरोपी मूलतः तमिलनाडु के निवासी हैं। आरोपियों के विरुद्ध दिल्ली, मुंबई और हरियाणा में चोरी एवं लूट के कुल 6 प्रकरण दर्ज पाए गए हैं।
