रफीक खान
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में वन्यजीवों के शिकार का एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र की पुरैनी बीट में स्थित एक तालाब में कथित रूप से जहर मिलाकर 14 वन्यजीवों का शिकार कर लिया गया। घटना में 12 चीतल और 2 सांभर की मौत हो गई। मामले का खुलासा होते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में शिकार के लिए तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाने की बात सामने आई है। Mass poaching of wildlife in MP! Carcasses lay scattered within a 100-meter radius; three accused arrested.
डीएफओ गर्वित गंगवार ने बताया कि घुघरी-कांटी गांव के पास स्थित तालाब के आसपास गुरुवार को बड़ी संख्या में वन्यजीवों के शव पड़े मिले। करीब 100 मीटर के दायरे में फैले शवों को देखकर वन अमले के होश उड़ गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सतना से डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया। जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड एक संदिग्ध के घर तक पहुंचा। वहां तलाशी लेने पर ताजा खून के निशान, वन्यजीवों का मांस, बाल, शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे और मांस काटने के औजार बरामद किए गए।संदिग्ध से पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपितों को भी हिरासत में लिया गया। तीनों से पूछताछ जारी है। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने शिकार की नीयत से रात के समय तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाया था। पानी पीने पहुंचे वन्यजीव जहर के प्रभाव से मौके पर ही तड़प-तड़प कर मर गए। सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार करा दिया गया है। वन विभाग ने आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों को आशंका है कि घटना के पीछे कोई संगठित शिकार गिरोह भी सक्रिय हो सकता है। इसी दिशा में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
