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Thursday, 25 June 2026

MP में IPS बनने की दौड़ तेज: 9 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को मिल सकता है प्रमोशन


रफीक खान 
मध्य प्रदेश में राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति देने की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है। गृह विभाग के प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्य संजय वर्मा की मौजूदगी में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में चयनित नामों को लेकर सहमति बन चुकी है और जल्द ही केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी के बाद 9 अधिकारियों को आईपीएस अवार्ड होने का रास्ता साफ हो सकता है। प्रक्रिया के बीच दो वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं राजेश मिश्रा और संदीप मिश्रा के खिलाफ लंबित विभागीय जांच के कारण उनकी डीपीसी फिलहाल अटक सकती है। दोनों अधिकारियों के मामलों को "सीलबंद लिफाफा" (Sealed Cover Procedure) में रखा गया है। Race to become IPS officer intensifies in MP: 9 State Police Service officers may get promoted.


 पीएचक्यू तथा गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार कहा जाता है कि इस बार की डीपीसी में वर्ष 1997 और 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया। आईपीएस पदोन्नति के लिए कुल 27 अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार किया गया था, जिनमें वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और अन्य मानकों के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। 1997 बैच के सीताराम ससत्या और अमृत मीणा के अलावा 1998 बैच की निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येंद्र सिंह तोमर सहित कुल 27 अधिकारी शामिल थे। सीताराम ससत्या और अमृत मीणा के नाम अंतिम चयन सूची से बाहर होने की चर्चा है। वहीं राजेश मिश्रा और संदीप मिश्रा की पदोन्नति पर विभागीय जांच का अड़ंगा आड़े आ गया है। ऐसे में इन दोनों अधिकारियों के मामलों पर अंतिम निर्णय जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही लिया जा सकेगा।