रफीक खान
उत्तर प्रदेश के लखनऊ के बाद मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला अंतर्गत ब्यावरा में कोचिंग सेंटर में आग लगने की खबर है। गुरुवार को कोचिंग सेंटर के नीचे बनी दुकानों से आग की शुरुआत हुई और उसके बाद वहां अफरा तफरी मच गई। अग्नि दुर्घटना में कितने लोग हताहत हुए और कितना नुकसान इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है? हालांकि लखनऊ की घटना के बाद मध्य प्रदेश में जिम्मेदार सरकारी विभागों द्वारा नोटिस नोटिस खेलने का कार्यक्रम तो शुरू कर दिया है लेकिन वह किस अंजाम तक पहुंचा और पहुंचेगी कहा नहीं जा सकता? The responsible government departments are busy playing a game of exchanging notices; no one knows the reality, nor is anyone making an effort to find out.
मध्य प्रदेश के ब्यावरा (राजगढ़) में कोचिंग सेंटर के नीचे स्थित दुकानों में भीषण आग लग गई, एक कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने से हड़कंप मच गया । कोचिंग सेंटर्स में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भारी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी, क्योंकि कई बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के वैकल्पिक रास्ते (इमरजेंसी एग्जिट) नहीं थे। मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी प्रशासन द्वारा कोचिंग सेंटर्स में फायर सेफ्टी, वेंटिलेशन और बेसमेंट कक्षाओं के संचालन पर कड़ी जांच शुरू कर दी गई है। यहां बड़ा सवाल यह है कि जब कभी भी घटनाएं दुर्घटनाएं सामने आती हैं, तब यह सजगता क्यों नजर आती है? आमतौर पर अगर कोई कोचिंग सेंटर बिना सुरक्षा मापदंडो के चल रहा है, तो वह किसकी शह पर और किसकी लापरवाही पर चलता रहा? यह कब सुनिश्चित हो पाएगा?
