रफीक खान
दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला में गुरुवार को सुबह साढ़े नौ बजे 1 मिनट में दो बार भीषण भूकंप ने तबाही मचा दी। 10000 से ज्यादा लोगों की मौत का अनुमान है। फिलहाल 87 शव निकाले जा चुके हैं। 2700 से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। 126 साल बाद भारी तीव्रता के भूकंप ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। भारत सहित दुनिया भर के देशों ने मदद का ऐलान कर दिया है। देश में इमरजेंसी लागू कर दी गई है और उपलब्ध संसाधनों से मदद भी शुरू हो गई है। हालांकि इतने व्यापक स्तर पर रेस्क्यू किया जाना बहुत ही मुश्किल काम है। The devastation in Venezuela was recorded on Wednesday evening—or at 9:34 AM Thursday, Indian Standard Time.
मीडिया रिपोर्ट्स और इनपुट के अनुसार वेनेजुएला में बुधवार शाम (स्थानीय समयानुसार) लगभग 6:04 बजे (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 9:34 बजे) दो शक्तिशाली भूकंप आए | पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसके महज 40 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। यू.एस. जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, काराकस से लगभग 160 किलोमीटर (100 मील) पश्चिम में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और एक मिनट से भी कम समय बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 10,000 से 1,00,000 के बीच हो सकती है। वेनेजुएला की राजधानी के पश्चिम में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। इससे काराकस में इमारतें गिर गईं, लोग मलबे में दब गए। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दक्षिण अमेरिकी देश में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को देश में आए विनाशकारी भूकंप के बाद इमरजेंसी का एलान किया है। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने दुर्भाग्य से अपने परिवार के किसी सदस्य को खो दिया है, उनके प्रति हम अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। हालांकि, उन्होंने मरने वालों या घायलों की कुल संख्या नहीं बताई।
