
रफीक खान
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस के भीतर फल फूल रहे भ्रष्टाचार पर किए गए एक स्ट्रिंग ऑपरेशन के बाद तीन पुलिस अधीक्षकों को भी हटा दिया गया है। इनमें भोपाल, सागर और रीवा के लोकायुक्त एसपी शामिल हैं। स्टिंग ऑपरेशन के बाद लोकायुक्त पुलिस के महानिदेशक योगेश देशमुख द्वारा दो डीएसपी तथा तीन कर्मचारी पर कार्रवाई की थी। सभी की विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। लोकायुक्त पुलिस के महानिदेशक ने प्रदेश पुलिस के महानिदेशक को संयुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के निलंबन की भी अनुशंसा की है।
The DGP of the Lokayukta Police has already taken action against two DSPs and three employees, issuing letters for their suspension.
उल्लेखनीय है कि मीडिया जगत में दैनिक भास्कर द्वारा किया गया स्ट्रिंग ऑपरेशन लोकायुक्त पुलिस के भीतर चल रहे गड़बड़ झाले को उजागर करने में कामयाब रहा है। स्टिंग ऑपरेशन के चलते जारी आदेश के मुताबिक, भोपाल संभाग से हटाकर SP दुर्गेश कुमार राठौर को सागर भेजा गया। सागर से हटाकर SP योगेश्वर शर्मा को रीवा भेजा गया। वहीं रीवा में पदस्थ सुनील पाटीदार को भोपाल संभाग की जिम्मेदारी दी गई। गुरुवार को DSP और निचले स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की थी। इसमें तीन कर्मचारी सस्पेंड किए गए थे। इनमें हेड कॉन्स्टेबल रामदास कुर्मी, हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर और कॉन्स्टेबल गौरव साहू शामिल हैं। इसके अलावा प्रधान आरक्षक बृज बिहारी पांडेय के निलंबन और संविदा वाहन चालक अमित विश्वकर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। 4 जून को DSP स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा हुआ था। इसके बाद DSP बीएम द्विवेदी और मंजू सिंह को लोकायुक्त से हटाकर PHQ अटैच कर दिया गया है। इस ऑपरेशन को अगर राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया तो व्यापक पैमाने पर फेर बदल किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि मीडिया जगत में दैनिक भास्कर द्वारा किया गया स्ट्रिंग ऑपरेशन लोकायुक्त पुलिस के भीतर चल रहे गड़बड़ झाले को उजागर करने में कामयाब रहा है। स्टिंग ऑपरेशन के चलते जारी आदेश के मुताबिक, भोपाल संभाग से हटाकर SP दुर्गेश कुमार राठौर को सागर भेजा गया। सागर से हटाकर SP योगेश्वर शर्मा को रीवा भेजा गया। वहीं रीवा में पदस्थ सुनील पाटीदार को भोपाल संभाग की जिम्मेदारी दी गई। गुरुवार को DSP और निचले स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की थी। इसमें तीन कर्मचारी सस्पेंड किए गए थे। इनमें हेड कॉन्स्टेबल रामदास कुर्मी, हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर और कॉन्स्टेबल गौरव साहू शामिल हैं। इसके अलावा प्रधान आरक्षक बृज बिहारी पांडेय के निलंबन और संविदा वाहन चालक अमित विश्वकर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। 4 जून को DSP स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा हुआ था। इसके बाद DSP बीएम द्विवेदी और मंजू सिंह को लोकायुक्त से हटाकर PHQ अटैच कर दिया गया है। इस ऑपरेशन को अगर राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया तो व्यापक पैमाने पर फेर बदल किया जा सकता है।
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